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IT रेड के बाद फैली दहशत, 2 दिन बाद बिल्डर ने सरेंडर किया 6.5 करोड़

Updated: IST builder surrender 6.5 crore
शंकर नगर के बिल्डर ने आयकर विभाग का शिकंजा कसता हुआ देखकर 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर कर दिया। उसके ठिकानों से बड़ी संख्या में ब्लैकमनी खपाने और बोगस इंट्री करने संबंधी दस्तावेज मिले है

रायपुर. शंकर नगर के बिल्डर ने आयकर विभाग का शिकंजा कसता हुआ देखकर 6 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर कर दिया। उसके ठिकानों से बड़ी संख्या में ब्लैकमनी खपाने और बोगस इंट्री करने संबंधी दस्तावेज मिले है। छानबीन करने के लिए अंवेषण टीम ने इसे जब्त किया है। बिल्डर के द्वारा कमीशन पर रकम खपाने और कागजों में मकान और दुकान बेचने की शिकायत दबिश दी गई थी। इस दौरान उसके ठिकानों से बड़ी मात्रा में गड़बड़ी मिली थी। इसे देखते हुए वहां अतिरिक्त टीम को तैनात किया गया था। अंवेषण के तीसरे दिन गुरूवार को एक अन्य बिल्डर ने 4 करोड़ रुपए सरेंडर किया। वहीं, तीसरे बिल्डर के ठिकानों से सर्वे पूरा करने के बाद टीम लौट गई है।

फर्जीवाड़ा उजागर
आयकर विभाग को झांसा देने के लिए शंकर नगर के इस बिल्डर ने अपने कारोबार का संचालन करने दोहरे नाम का उपयोग किया। उपनाम होने के कारण विभागीय अधिकारी दबिश देने के बाद भी असमंजस की स्थिति में थे। दस्तावेजों की छानबीन के दौरान यह फर्जीवाड़ा उजगार हुआ। विभाग के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नोटबंदी लागू होने के बाद बिल्डर के द्वारा बड़ी संख्या में 1000 और 500 के पुराने नोट खपाए गए। बिल्डर ने आयकर विभाग से बचने के लिए बड़ी चालाकी से फ्लैट-बंगले और दुकानों की बुकिंग और विक्रय कर रकम जमा करना दिखाया।

दस्तावेजों की जांच
बिल्डर के द्वारा 6.5 करोड़ रुपए सरेंडर करने के बाद उसके ठिकानों से जांच रोक दी गई है। लेकिन, जब्त किए गए दस्तावेजों का दफ्तर में विभागीय अधिकारी परीक्षण करेंगे। ज्ञात हो कि आयकर अंवेषण की टीम ने 29 नवंबर को रायपुर के तीन रियल स्टेट कारोबारियों के पांच ठिकानों पर दबिश दी थी। इस दौरान वहां कैश बुक, रजिस्टर, लेनदेन, फ्लैट की संख्या, बुकिंग और खरीदारी करने वाले की छानबीन की गई। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सर्वे के दौरान कुछ अन्य बिल्डरों से भी उनके तार जुड़े हुए है। उनकी भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

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