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CG में कैशलेस सिस्टम पर जोर, इसलिए CM ने व्यापारियों को दी ये राहत

Updated: IST POS
कैशलेस व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शहरी क्षेत्रों में व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को राहत देते हुए गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन शुल्क को माफ करने की घोषणा की है।

रायपुर. कैशलेस व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शहरी क्षेत्रों में व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को राहत देते हुए गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन शुल्क को माफ करने की घोषणा की है। इससे व्यापारी अब आसानी से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) प्राप्त कर सकेंगे। इससे व्यापारी और आम जनता दोनों को आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने अमरीका से राज्य सरकार के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री को यह जानकारी मिली थी कि पीओएस के लिए बैंकों से सम्पर्क करने पर व्यापारियों से गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन की जानकारी मांगी जा रही है, जिसमें कुछ व्यावहारिक दिक्कतें हो रही है। भारतीय स्टेट बैंक के अनुसार पीओएस मशीन द्वारा प्रतिदिन किसी भी बैंक के एटीएम कार्ड धारक को प्रति कार्ड एक सौ रुपए से दो हजार रुपए तक नगद भुगतान की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण के बाद प्रधानमंत्री की यह मंशा है कि राज्यों में प्रत्येक व्यापारी के पास पीओएस मशीन हो और वह इसके जरिए ऑनलाइन खरीदी करें।

नोटबंदी के बाद छत्तीसगढ़ में राज्य शासन ने भी सभी लेनदेन कैशलेश करने पर जोर दिया है। इसके लिए तैयारियां करने के आदेश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसके लिए प्रशिक्षण देने का काम भी शुरू किया जा रहा है। राज्य शासन ने निर्देश में कहा है कि कैशलेस व्यवस्था की दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा जाए। पहले चरण में सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में कैश लेश ट्रांजेक्शन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

शहरी क्षेत्र में व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की बारी आएगी। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने इसको लेकर बैंकर्स, व्यापारियों के संगठनों और सभी जिलों के कलेक्टर्स से बैठक लेकर चर्चा की है। विभागों से कहा गया है कि वे कैशलेस सिस्टम जल्द से जल्द लागू कर दें। हालाँकि अभी कोई समय सीमा नहीं दी गई है पर कहा गया है कि ये व्यवस्था जल्द लागू की जाए और दफ्तरों के बाद दुकानों में भी इसे लागू कर दिया जाए। शासन का दावा है कि व्यापार जगत भी इस फैसले से सहमत है।

यह भी जानें

मालूम हो कि केन्द्र सरकार ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अन्य लोगों से कैशलेश लेनदेन और खरीदी को बढ़ावा देने की बात कही है। वहीं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को देश की पहली कैशलेस सिटी बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने एक आधिकारिक रिलीज में कहा कि शहर को 10 दिसंबर तक देश का पहला 'कैशलेस सिटीÓ बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पहले सभी ई-संपर्क केंद्रों को डिजिटल मोड से पेमेंट लेने में समर्थ बनाया जाएगा। इसके लिए कार्ड स्वैप मशीन इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। एक बार इस प्रणाली के चालू हो जाने पर प्रशासन के कार्यालयों में नकदी स्वीकार नहीं की जाएगी।

सभी के पास आधार

चंडीगढ़ देश का पहला ऐसा केंद्र शासित प्रदेश (बिना विधायिका वाला) है जहां 100 फीसदी जनसंख्या के पास आधार कार्ड है। रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ में 11,15,817 लोगों के पास आधार कार्ड है। चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली, तेलंगाना, हरियाणा और पंजाब में भी 100 फीसदी लोगों के पास आधार कार्ड है। कई राज्यों में अभी भी आधार कार्ड बनने का काम जारी है।

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