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रात में भूल कर भी श्मशान या कब्रिस्तान से न गुजरें वरना हो सकती है मुश्किल

Updated: IST cremation
क्या आपको मालूम है कि रात में श्मशान या कब्रिस्तान जैसे जगहों में जाना तो दूर वहां से गुजरना भी नहीं चाहिए।

रायपुर. बचपन में आपने भूत-प्रेत और आत्माओं की कहानियां खूब सुनी होंगी और सुनते ही मन में अजीब सा डर पैदा हो जाता था। वहीं अगर श्मशान की बात करें तो नाम सुनते ही मन में एक भयानक आकृति दिमाग में उभरने लगती है और मन में डर समाने लगता है।

श्मशान को लेकर तरह-तरह की अंधविश्वास से जुड़ी चर्चाएं होती रहती हैं। अगर बड़े-बुजुर्ग की मानें तो रात के समय कब्रिस्तान या श्मशान में नहीं जाना चाहिए। केवल यही नहीं रात के समय वहां से गुजरना भी नहीं चाहिए।

आज हम आपको श्मशान या कब्रिस्तान से जुड़ी एेसे ही जानकारी के बारे बताने जा रहे हैं, आखिर क्यों रात में इन जगहों पर जाना ही नहीं गुजरना भी चाहिए।

हालांकि कुछ लोग इसे अंधविश्वास बताकर मानने से इंकार करते हैं। लेकिन इसके पीछे मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक तथ्य हैं। मनोवैज्ञानिकों की मानें तो यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हो और नकारात्मक सोच से घिरा हुआ हो तो ये संभावना और भी बढ़ जाती है।

ज्यादातर देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति इन नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में आता है तो उसका खुद पर काबू नहीं रहता और वह नकारात्मक शक्तियों के वश में हो जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार रात को नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रभावी हो जाती हैं, ये नकारात्मक शक्तियां मानसिक रूप से कमजोर किसी भी व्यक्ति को तुरंत अपने प्रभाव में ले लेती हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि सकारात्मक और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव सभी मनुष्य पर होता हैं। लेकिन कमजोर सोच के लोगों पर नकारात्मक शक्तियां तुरंत हावी हो जाती हैं। इसलिए कहा गया है कि रात को किसी भी कब्रिस्तान या श्मशान में नहीं जाना चाहिए या उसके पास से नहीं गुजरना चाहिए। इससे आप परेशानी में पड़ सकते हैं।

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