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जानिए, आखिर क्यों सोने के गहने का मिलना या गुम होना अपशगुन होता है

Updated: IST Gold Jewellery
शास्त्रों में कई ऐसी धातुओं का वर्णन किया गया है, जो महत्वपूर्ण हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि सोने के गहने का मिलना या गुम होना दोनों ही अपशगुन होता है। नहीं तो आइए जानते हैं।

रायपुर. भारत देश में सोने-चांदी की भारी मांग है। इसका दाम चाहे कितना ही क्यूं ना बढ़ जाए, लेकिन भारतीय इसकी खरीद करने में कभी पीछे नहीं हटते। जिसका सबसे बड़ा कारण त्यौहार एवं परंपराएं हैं, जहां सोने-चांदी जैसी पवित्र धातुओं (शास्त्रों के अनुसार) का होना आवश्यक बन जाता है।

शास्त्रों में कई ऐसी धातुओं का वर्णन किया गया है, जो महत्वपूर्ण हैं। इनमें सोना और चांदी का महत्व सबसे अधिक पाया गया है। लेकिन आज हम आपको इनके महत्व के बारे में नहीं, वरन् इनसे जुड़े शगुन-अपशगुन से अवगत कराने जा रहे हैं।

शगुन और अपशगुन, सरल शब्दों में कहें तो ये कुछ संकेत होते हैं जो हमें आने वाले समय से जोड़ते हैं। किसी विशेष घटना का हमारे आने वाले समय पर कैसा प्रभाव होता है, इसके बारे में बताता है शगुन शास्त्र। तो चलिए जानते हैं सोने-चांदी से जुड़े कैसे शगुन-अपशगुन शास्त्रों में दर्ज हैं।

शगुन शास्त्र के अनुसार, सोने के गहने का मिलना या गुम होना दोनों ही अपशगुन होता है। इसलिए यह कहा जाता है कि अगर आपको कहीं सोना या चांदी गिरा हुआ मिले, तो उसे उठाकर घर ना लाएं।

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो सोना गुरु ग्रह का कारक माना गया है। इसलिए सोने के गुम होने या मिलने पर गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ता है। गुरु ग्रह हमें जीवन में धन एवं सुख दिलाता है और इस ग्रह का कमजोर होना कई सारी दिक्कतें पैदा कर सकता है।

शगुन शास्त्र में दर्ज तथ्यों के अनुसार यदि किसी के कान का गहना यानी ईयर रिंग गुम हो जाए तो यह एक अपशगुन कहलाता है। ऐसी घटना के कारण भविष्य में कोई बुरी खबर सुनने को मिल सकती है।

इसके अलावा नाक की नथ या लौंग का खो जाना भी अशुभ होता है, इसके कारण आपको बदनामी या अपमान का सामना करना पड़ सकता है।

सिर का गहना जैसे टीका या शीष फूल खो जाए तो यह भी अच्छा नहीं माना जाता है। शगुन शास्त्र के अनुसार इस प्रकार का गहना यदि खो जाए या टूट भी जाए तो यह भविष्य में आने वाले किसी बड़े संकट का सूचक होता है जो आपको अत्यंत चिंता दे सकता है।

अगर गले का हार खो जाए तो ये ऐश्वर्य में कमी आने का संकेत हो सकता है। यदि कंगन खो जाए तो मान-सम्मान में कमी आती है।

बाजू बंद, जो कि आजकल बेहद कम देखने को मिलता है, किंतु कुछ जगहों पर यह परंपरा के रूप में इस्तेमाल जरूर किया जाता है। अगर ये खो जाए तो आपको पैसों से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।

अब बात करते हैं अंगूठी की, शायद ये एक ऐसा गहना है जो अधिकतर लोग पहनते जरूर हैं। शकुन शास्त्र के अनुसार सोने की या फिर चांदी की अंगूठी अगर खो जाए तो ऐसी घटना भविष्य में आने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की ओर इशारा करती है।

अंगूठी या फिर पांव की बिछिया, दोनों का ही खो जाना शुभ नहीं होता। लेकिन पांव की पायल का खोना कैसा संकेत देता है? शकुन शास्त्र के अनुसार दाएं पैर की पायल गुम हो जाने पर सामाजिक प्रतिष्ठा को हानि हो सकती है। दूसरी ओर बाएं पैर की पायल का खो जाना यात्रा में दुर्घटना की ओर संकेत करता है।

आखिर में है कमर बंद, इसका गुम हो जाना किसी भारी विपदा की और संकेत करता है।

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