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मठाधीशों को मिले दुकानें, इसलिए दिया एक दिन का समय

Updated: IST Kamal Vihar

रायपुर . कमल विहार में रायपुर थोक कपड़ा व्यापारी संघ के 7 सदस्यों ने सिंडिकेट बनाकर किस तरह दुकान हथियाने और कमीशन पाने की साजिश रची थी, इसका खुलासा पत्रिका के हाथ लगे पत्र से हुआ है, जिसमें थोक व्यापारी संघ ने दुकान लेने के लिए 2.50 लाख रुपए का चेक जमा करने और 40 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस के लिए व्यापारियों को सिर्फ एक दिन का समय दिया था।

आरडीए से तय हुई डील का हवाला देकर संघ के अध्यक्ष रमेश मोदी व रायपुर होलसेल एवं रेडीमेड डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मुकीम ने 12 अक्टूबर को यह पत्र जारी किया और राशि जमा करने के लिए 13 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक का समय दिया गया था। पत्र में लिखा गया है कि निर्धारित समय के बाद चेक स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। रसूखदारों ने अपने नाम से ज्यादा से ज्यादा दुकानों का प्रस्ताव भरा और बाद में आवंटन का अधिकार स्वयं ले लिया।

क्या लिखा है पत्र में...

प्रोसेसिंग फीस, कमीशन और भवन के नाम पर 40 हजार।

व्यापारी चेक और लेटरपेड द्वारकादास वासवानी (हिंदुस्तान ट्रेडर्स) और विमल तनवानी (एनडी संस) पंडरी को भिजवा दें।

दुकानों का आवंटन रायपुर थोक कपड़ा व्यापारी संघ और रेडीमेड डीलर एसोसिएशन के 7 सदस्य भूखंड की उपलब्धता पर आवंटन करेंगे। यह सभी आवेदन करने वाले सदस्यों को मान्य होगा।

एक दिन के भीतर 2 लाख 50 हजार का चेक सीईओ आरडीए रायपुर के नाम पर देय होगा, शेष राशि 90 दिन के भीतर देनी होगी। नहीं तो दुकानें निरस्त मानी जाएगी।

600 और 1200 वर्गफुट के प्लॉट मिलेंगे, जिसमें दुकानों के लिए रेट छूट के साथ 1900 रुपए और ऑफिस के लिए 1200 रुपए प्रति वर्ग फुट रुपए रखा गया है।


आरडीए ने कहा- प्रोसेसिंग फीस नहीं

इन सबके बीच एसोसिएशन ने सदस्यों से अपील की थी कि प्रोसेसिंग फीस, कमीशन और थोक कपड़ा संघ के भवन के लिए 40 हजार रुपए साथ में जमा कराई जाए। जब आरडीए के आला अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कमल विहार में प्लॉट लेने को लेकर प्रोसेसिंग फीस संबंधित किसी भी प्रकार की राशि का कोई नियम नहीं है। आरडीए ने कहा है कि प्रोसेसिंग फीस लेने का ऐेसा कोई नियम नहीं बनाया गया है।

प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1 करोड़

थोक कपड़ा व्यापारी संघ के मुताबिक कुल 408 दुकानों का सौदा तय किया गया था। मतलब इन दुकानों के प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 40 हजार रुपए के हिसाब से कुल 1 करोड़ 63 लाख 20 हजार रुपए राशि वसूली जाती। पंडरी के व्यापारी ही सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रोसेसिंग फीस का नियम नहीं बना तो यह राशि किसके खाते में जाती।

थोक कपड़ा व्यापारी संघ अध्यक्ष रमेश मोदी ने बताया कि यह ओपन टेंडर था। आरडीए के साथ समझौता हुआ था। समय कम था इसलिए 1 दिन के भीतर आवेदन मंगाए गए। 90 फीसदी आवेदन आ गए थे, जिनको जानकारी नहीं मिली थी, उन्हें फोन करके सूचना दी जा रही थी। इसका फैसला 7 सदस्यीय समिति ने किया था। प्रोसेसिंग फीस संघ का भवन बनाने के लिए ली जा रही थी।

रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष, महादेव कांवरे ने बताया कि कमल विहार के किसी प्रोजेक्ट प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग से राशि वसूले जाने का नियम नहीं है। किसी को भी कमीशन आदि के नाम पर राशि वसूलने का अधिकार नहीं है।

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