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NAAC ने RSU को चेताया, सिर्फ बिल्डिंग बना लेने से नहीं मिल जाती A ग्रेड

Updated: IST ravishankar university
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आई नैक की टीम ने कुलपति को चेताया है कि सिर्फ बड़ी बिल्डिंग बना लेने से ए-ग्रेड नहीं मिल जाता।

रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आई नैक की टीम ने कुलपति को चेताया है कि सिर्फ बड़ी बिल्डिंग बना लेने से ए-ग्रेड नहीं मिल जाता। हालांकि विवि को उम्मीद है कि इस बार ए ग्रेड मिलेगा, जबकि ए-प्लस तक पहुंचना मुश्किल है। 28 से 30 नवंबर तक टीम ने सभी डिपार्टमेंट का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने विद्यार्थी, प्रोफेसर, अभिभावक और कर्मचारी संघ के सदस्यों से शिक्षण संबंधी विषयों पर चर्चा की। बुधवार को रिपोर्ट लिफाफे में बंद कर ली गई है।

रविवि को अभी तक ए-ग्रेड नहीं मिला है। इससे पहले विवि का ग्रेड बी मिला था। इस बार ए-ग्रेड पाने की उम्मीद तो की जा रही है, लेकिन शैक्षणिक कैलेंडर, परिणाम और छात्रों की नाराजगी को देखते हुए असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नैक टीम ने अंतिम दिन विश्वविद्यालय कुलपति एसके पांडेय और रजिस्ट्रार धर्मेश साहू से मुलाकात की। उन्होंने विवि के शैक्षिणिक कैलेंडर, परीक्षा, रिजल्ट और शिक्षकों की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण मुददों पर बातचीत की।

छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को सहेजने शुरू हो कोर्स

नैट टीम ने बुधवार को कुलपति से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की धरोहर, कला और संस्कृति से जुड़े नए कोर्स शुरू किए जाएं। डिग्री या फिर डिप्लोमा कोर्स शुरू होने से इस ओर रुचि रखने वाले छात्रों को मौका मिलेगा।

स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट में फायदा

शैक्षणिक संस्थानों को नैक की ओर से मिलने वाले ग्रेड का फायदा स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट के दौरान मिलता है। नैक ग्रेडिंग मिलने के बाद छात्रों की डिग्री में इसे अंकित किया जाता है। ए- ग्रेड वाले शैक्षणिक संस्थान से पासआउट छात्रों को प्लेसमेंट में विशेष तव्वजो दी जाती है। कहा जाए तो विद्यार्थियों को मार्केट वैल्यू बढ़ जाता है। इसके अलावा देश-दुनिया के किसी भी बड़े संस्थान में आगे की पढ़ाई के लिए दाखिला मिलना मुश्किल नहीं होता। अगर रविवि को ए ग्रेड मिलता है तो इसका फायदा यहां अध्ययन कर रहे छात्रों को मिलेगा।

नैक की ग्रेडिंग इसलिए है जरूरी

नैक टीम के निरीक्षण से मिले ग्रेड के आधार पर ही संस्था की गुणवत्ता का पता चलता है। क्वालिटी एजुकेशन, सुविधा संसाधन और फेकल्टी की जानकारी होती है। इससे छात्रों को प्रवेश लेने में मदद मिलती है। रैंकिंग तय होने के बाद संस्था द्वारा जारी रिजल्ट में ग्रेडिंग अंकित होता है। ग्रेड बेहतर मिलने से एक नई पहचान मिलती है। ग्रेड के आधार पर यूजीसी अलग से अनुदान की स्वीकृत देती है।

जनदर्शन और खेल पर छात्रों की चुप्पी

नैट टीम ने छात्रों से चर्चा के दौरान छात्र जनदर्शन को लेकर प्रश्न पूछे, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं खेल से जुड़ी गतिविधियों पर पूछे गए सवाल पर कोई जवाब नहीं आया। इससे नेगेटिव मार्किंग हो सकती है।

ग्रेडिंग का पैटर्न
सीजीपीए ग्रेडिंग
3.76 से 4.00 ए++
3.51 से 3.75 ए+
3.01 से 3.50 ए
2.76 से 3.00 बी++
2.51 से 2-75 बी+
2.01 से 2-50 बी
1.51 से 2.00 सी
1.50 या नीचे कोई ग्रेडिंग नहीं मिलेगी

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