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> > > > Raipur: Supreme Court stays Bilaspur High Court order in CGPSC 2003

CGPSC 2003 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

Updated: IST supreme court
सीजीपीएससी 2003 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगने के बाद छत्तीसगढ़ के कई डीएसपी व डिप्टी कलेक्टर ने राहत की सांस ली है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2003 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पद्यमिनी भोई और चंदन संजय त्रिपाठी समेत राज्य के 40 से अधिक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब किसी अफसर की सेवा या डिमोशन अगले आदेश तक नहीं कर सकेगी।

हाईकोर्ट के तीखे तेवर देख ये तय माना जा रहा था कि अगले दो महीने में 13 साल से नौकरी कर रहे कई डीएसपी को अपनी वर्दी तो कई डिप्टी कलेेक्टरों को अपनी कुर्सी छोडऩी पड़ सकती है। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगने के बाद छत्तीसगढ़ के कई डीएसपी व डिप्टी कलेक्टर ने राहत की सांस ली है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2003 में राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों के लिए परीक्षा लेकर चयन सूची जारी की थी। पीएससी 2003 में 147 अधिकारियों का चयन हुआ था।

वर्षा डोंगरे की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने अगस्त माह में बड़ा फैसला सुनाया था। साल 2003 के पीएससी इम्तिहान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने माना था कि चयन में भारी पैमाने पर गड़बडिय़ां हुई है और पीएससी की मेरिट सूची में हेराफेरी हुई है। इसलिए दोबारा से मेरिट सूची बनाई जाए।

हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि परीक्षा में एंथ्रोप्लॉजी की कॉपी को दोबारा जांचा जाएगा। वहीं इंटरव्यू के सेलेक्शन से वंचित रहे उम्मीदवारों के लिए भी दोबारा से इंटरव्यू कॉल करने का निर्देश जारी किया था।

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