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घर बनवाते समय यदि आपने वास्तु के इन नियमों का पालन नहीं किया तो...

Updated: IST vastu tips for home
घर बनवाने से पहले यदि आपने जरूरी बातों का ध्यान नहीं दिया तो आपको समस्या का सामना कर पड़ सकता है।

रायपुर. हर किसी के आंखों में अपना घर बनाने का सपना होता है। यदि आप अपना घर बनवाने की सोच रहे हैं तो खास बातों का जरूर ध्यान रखें। घर बनवाने से पहले यदि आपने जरूरी बातों का ध्यान नहीं दिया तो आपको समस्या का सामना कर पड़ सकता है।

- यदि भवन का निर्माण वास्तु शास्त्र के नियमों की उपेक्षा कर हुआ है तब अनावश्यक यात्राओं, अपयश, प्रसिद्धि की हानि, निराशा एवं दुख के परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

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- घर ही नहीं अपितु ग्राम, कस्बा एवं नगर का निर्माण वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

- विश्वकर्मा के अनुसार वास्तुशास्त्र के अनुसार निर्मित भवन स्वास्थ्य, सुख और संपन्नता प्रदान करता है।

- वास्तुशास्त्र केवल सांसारिक सुख ही नहीं अपितु दिव्य अनुभव भी है।

- समरांगण सूत्रधार के अनुसार शुभ एवं मंगल रूप से निर्मित सुखद मकान में अच्छे स्वास्थ्य, धन संपत्ति, बुद्धि, संतान तथा शांति का निवास होता है।

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- भवन स्वामी को कृतज्ञता के ऋण से मुक्त करेगा।

- जनसंख्या वृद्धि एवं शहरी क्षेत्रों में भूमि की कमी के कारण महानगरों में आवास की विकट समस्या पैदा हो रही है।

- ऐसी परिस्थिति में बहुमंजिले फ्लैट्स में वास्तु नियमों को अपनाना सरल कार्य नहीं है।

- क्योंकि समस्त फ्लैट्स की सुविधाएं एक दूसरे से संबंधित होती है। एक निश्चित स्थान ही उपलब्ध होता है।

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- प्रत्येक मंजिल पर सामान्य दीवारों वाली अनेक इकाईयों का प्रारूप बनाना, रसोई, शौचालय एवं स्नानागार, मल्टीस्टोरी फ्लैट की वास्तु की उपयोगिता एवं व्यवस्था शयनकक्ष इत्यादि को उनके सही स्थान पर बनाना, द्वार, सीढिय़ां को उचित स्थान पर रखना आदि कार्य शिल्पकार के लिए अत्यंत कठिन है।

- लेकिन वास्तु नियमों के अनुसार उपयुक्त भूमि के चयन, भूमि के क्रय एवं उसका शोधन, जल संग्रह, इकाई को उत्तर-पूर्व में स्थापित करने, दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग की दीवारों को ऊंचा रखने एंव इस भाग में बड़े वृक्ष लगाने, उत्तरी एवं पूर्व को नीचा रखते हुए इस भाग में अधिक खाली स्थल छोडऩे इत्यादि उपायों को अपनाकर संतोषजनक परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं।

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