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#CG10thresult : टॉपर देवाशीष बोले- असफलता एक चुनौती है स्वीकार करें

Updated: IST
देवाशीष कहते हैं कि पापा भले ही स्पोट्र्स टीचर रहे हैं, लेकिन उनसे मैथ्स में काफी मदद मिलती थी और मम्मी सोशल साइंस के डाउट्स क्लीयर कर देती थी

अंजलि राय/रायपुर. कहते हैं कि टॉपर बनने के लिए सिर्फ पढ़ाई पर फोकस्ड होना चाहिए, लेकिन स्टेट का थर्ड टॉपर देवाशीष पटेल का मानना है कि अगर डिप्ली स्टडी की जाए तो कुछ भी मुश्किल नहीं है। बचपन से अपने क्लास के टॉपर रहे देवाशीष पूरी तरह कांफिडेंस में थे कि टॉपर बनेंगे। उनका मानना है कि अपना हण्ड्रेड परसेंट दो बाकी रिजल्ट भगवान पर छोड़ दो। वे कहते हैं कि टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई की और शुरू से ही फोकस्ड था। साथ ही पैरेंट्स का सपोर्ट और टीचर्स के सहयोग के कारण सफलता मिली है।

देवाशीष के पिता पीताम्बर पटेल ऊपरवारा हायर सेकेंडरी स्कूल में स्पोट्र्स टीचर हैं और माता अन्नपूर्णा देवी पटेल डूमा गवर्नमेंट स्कूल की प्रायमरी टीचर हैं। देवाशीष कहते हैं कि पापा भले ही स्पोट्र्स टीचर रहे हैं, लेकिन उनसे मैथ्स में काफी मदद मिलती थी और मम्मी सोशल साइंस के डाउट्स क्लीयर कर देती थी। जिससे कभी कोचिंग या ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी। कोई कंफ्यूजन होने पर टीचर्स से पूछ कर सॉल्व कर लेते थे।

रोप स्किीपिंग के नेशनल प्लेयर

देवाशीष रोप स्किपिंग के नेशनल प्लेयर हैं और उन्होंने पांच साल में कई गोल्ड मेडल जीते हैं। वे कहते हैं कि स्पोट्र्स के साथ-साथ पढ़ाई करना बहुत ही अच्छा लगता है। इससे कभी भी एग्जाम का प्रेशर नहीं हुआ, क्योंकि वे शुरू से पढ़ाई करते थे।

आईएएस बनने का सपना

देवाशीष ग्यारहवीं में मैथ्स लेकर पढ़ाई करेंगे और आगे आईएएस बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई के साथ स्पोट्र्स पर भी फोकस्ड रहूंगा। स्पोट्र्स में भी इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का सपना है।

स्कूल के बच्चों को फ्री सीखाते हैं

देवाशीष अपने स्कूल के बच्चों को फ्री में रोप स्किपिंग की ट्रेनिंग देते हैं। वे कहते हैं कि जरूरतमंद बच्चे भी स्पोट्र्स में आगे बढ़े, जिससे उनका कॅरियर आगे बढ़ सके।

स्टूडेंट ऑफ द ईयर की मिली ट्रॉफी

देवाशीष को अपने स्कूल से स्टूडेंट ऑफ द ईयर की ट्राफी भी मिली है। साथ ही वे मल्टी टैलेंटेड स्टूडेंट रहे हैं। उन्हें निबंध में जिला में टॉप कर चुके हैं। उन्होंने भाषण और फ्लॉवर डेकोरेशन में भी पुरस्कार मिल चुका है। वे खाली समय में गिटार बजाना पसंद करते हैं।

मोटिवेशनल स्टोरी पढऩा है पसंद

देवाशीष को मोटिवेशनल स्टोरी पढऩा पसंद है। वे ऑटोबायोग्राफी भी पढ़ते हैं। उन्हें पढऩा बहुत पसंद है। साथ ही वे कहते हैं कि जो अपने अंदर कमियां हैं उसे दूर करने का प्रयास करता हूं।

संदेश

हमेशा हरिवंशराय बच्चन जी की कविता यार रखता हूं। जिसमें उन्होंने लिखा है 'असफलता एक चुनौती है स्वीकार करें, क्या कमी रह गई उसे सुधार करो'।

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