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डेंगू के दंश से कराह रहा जिला

Updated: IST MP Health Department
रायसेन. जिले का स्वास्थ्य महकमा फिलहाल जानलेवा डेंगू की बीमारी पर नियंत्रण नहीं कस पा रहा है। इससे जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार अब तक जिले में डेंगू के 22 मरीज पाए जा चुके हैं।

रायसेन. जिले का स्वास्थ्य महकमा फिलहाल जानलेवा डेंगू की बीमारी पर नियंत्रण नहीं कस पा रहा है। इससे जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार अब तक जिले में डेंगू के 22 मरीज पाए जा चुके हैं। इनमे से एक मरीज की मौत हो चुकी है।

बीते साल जिले में डेंगू के कुल 10 मरीज पाए गए थे। इस साल मरीजों की बढ़ी संख्या बढ़ते खतरे की ओर संकेत कर रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी तरह से मुस्तैद हैं। वहीं जिला मलेरिया विभाग के अफसरों का दावा है कि जिले में 550 घरों में सर्वे के बाद लार्वा नष्ट करवा दिया है। रायसेन तहसील में 7 मरीज डेंगू पीडि़त मिल चुके हैं। हाल ही में 5 नए डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आने से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. यशपाल सिंह बाल्यान से मिली जानकारी के अनुसार जिले में डेंगू के 5 नए मरीज सामने आए हैं। तहसील गैरतगंज के मुरपार में पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल के छोटे भाई रविन्द्र पटेल को डेंगू होना पाया गया है। वे भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पूर्व तहसील गैरतगंज के ही करमोदी गांव में करीब दो माह पूर्व डेंगू पीडि़त एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

सुविधा है पर जांच से तौबा

बताया जाता है कि जिला अस्पताल में डेंगू जांच किट सहित अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। लेकिन अस्पताल के स्पेशलिस्ट चिकित्सक, मेडिकल ऑफिसर अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए संदिग्ध मरीजों को फौरन भोपाल रेफर कर देते हैं। पता चला है कि ज्यादार क्लास वन और सेकंड चिकित्सक भोपाल से अपडाउन करते हैं। इसीलिए वह डेंगू के मरीजों की जिम्मेदारी से बचने उन्हे भोपाल रेफर कर देते हैं। ऐसे में इलाज में देरी से यह रोग जिले में पैर पसार रहा है।

जिला अस्पताल में ही बदहाली

जिला अस्पताल कैंपस में ही ब्लड बैंक के नजदीक एक हौज में गंदा पानी महीनों से भरा हुआ है। इसमें मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मचारियों के सरकारी आवासों के चारो तरफ गंदा पानी अभाव में भरा हुआ है। कर्मचारियों ने अपने आवासों के आसपास कीचड़ गंदगी हटाने अस्पताल प्रबंधन से लेकर सीएमएचओ से की। लेकिन फिर भी इस तरफ गंभीरता पूर्वक ध्यान नहीं दिया गया।

भोपाल से वापस लौटा मरीज

तहसील रायसेन के सांचेत गांव के निवासी 27 वर्षीय गनेशराम मेहरा पुत्र लक्ष्मण सिंह की डेंगू जांच रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है। उसने भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज भी कराया। जब जेब में रखी राशि पूरी खर्च हो गई तो वहां से छुट्टी लेकर सोमवार 17 अक्टूबर को रायसेन जिला अस्पताल में भर्ती हुआ है। जहां सामान्य मरीजो के बीच ही उसका इलाज चल रहा है। डेंगू पीडि़त मरीज गनेशराम मेहरा ने बताया कि उसे अभी तक इलाज से कोई आराम नहीं लगा है। इसी तरह कैलाश बैरागी उम्र 34 भी संदिग्ध डेंगू का मरीज है। पाटनदेव के नजदीकी महाराणा प्रताप नगर कॉलेनी निवासी 19 वर्षीय माया लोहापीटा को भी डेंगू जांच रिपोर्ट में पॉजीटिव मिली है। इसी तरह सड़क स्प्रे कंपनी के कर्मचारी का भी डेंगू होने की वजह से उसे इलाज के लिए भोपाल रेफर किया जा चुका है।

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