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जांच का पता चला तो यात्रियों को शहर से बाहर ही उतार दिया

Updated: IST raisen
परिवहन विभाग ग्वालियर, आरटीओ रायसेन की टीम ने की जांच

रायसेन. यात्री बसों और ऑटो में ओवरलोडिंग करने वालों और यातायात पुलिस के बीच चूहा बिल्ली का खेल चल रहा है। जहां तक पुलिस मिलने की संभावना नहीं, वहां तक यात्रियों को मनमाने ढंग से बिठाने में बस ऑपरेटर नहीं चूक रहे हैं। यदि कहीं किसी मार्ग पर यातायात अमले के खड़े होने की जानकारी मिल जाती है तो ओवरलोड यात्रियों को वहीं उतार दिया जाता है। शुक्रवार को सागर रोड पर टोल नाके पास सुबह से ही परिवहन विभाग का अमला पहुंच गया था। इसकी जानकारी मिलते ही बस ऑपरेटरों ने यात्रियों को जबरदस्ती दो की सीट पर तीन और तीन की सीट पर चार बैठा दिया। इसके बाद भी जो बच गए उन्हे उतार कर पैदल जाने के लिए कह दिया। सिर्फ पांच ओवरलोड बस ही जांच के घेरे में आ पाईं।

ऐसे बचे कार्रवाई से

बरेली से रायसेन की ओर आ रही एक यात्री बस में लगभग 25 यात्री क्षमता से अधिक सवार थे। शहर से लगभग तीन किमी पहले ही जब बस स्टॉफ को टोल नाके पर यातायात विभाग के अमले के खड़े होने की जानकारी मिली, तो कंडक्टर ने ओवरलोड यात्रियों को बस से नीचे उतार दिया। मामूली सी बहस के बाद मजबूर यात्री पैदल ही शहर की ओर रवाना हुए। बाद में यही बस अधिकारियों के सामने से दनदनाती गुजर गई।

और गुजर गया ओवरलोड ऑटो

टोल नाके के पास एक ओर यातायात और पुलिस की टीम यात्री बसों की जांच कर कार्रवाई कर रही थी, वहीं एक ऑटो ओवरलोड ग्रामीण यात्रियों को बिठाकर निकल गया। उसे किसी ने न तो रोका और न ही कोई ध्यान दिया। जिम्मेदारों का यह दोहरा रवैया समझ से परे रहा।


कर देते हैं सूचना

सड़क पर अधिकारियों के खड़े होने और बसों की जांच करने की जानकारी बस चालकों को पहले ही मिल जाती है। जांच प्वाइंट से गुजर यात्री वाहन आगे चलकर उस दिशा की ओर आ रहे वाहनों के चालकों को जानकारी दे देते हैं, जिससे कई वाहन पहले ही बचाव की जुगत भिड़ा लेते हैं।

इतनी देरी क्यों?

सागर रोड पर चलने वाली एक कंडम बस को अमले ने पकड़ा और खाली करा लिया। यहां सवाल उठता है कि यह बस लंबे समय से हर दिन इसी मार्ग पर आरटीओ कार्यालय के सामने से गुजरती रही, लेकिन अभी तक इसे क्यों नहीं रोका गया था, जबकि बस की हालत कतई यात्रियों को बिठाकर चलाने के काबिल नहीं है। ऐसी एक नहीं कई बसें जिले की सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन विभाग इन पर कड़ी कार्रवाई करने में संकोच कर रहा है।


10 हजार जुर्माना

शुक्रवार की कार्रवाई में परिवहन विभाग ग्वालियर और जिला परिवहन कार्यालय के अफसरों और कर्मचारियों की टीम शामिल थी। जांच के दौरान पांच बसों में ओवरलोड यात्रियों के मिलने पर 10 हजार रुपए चालान शुल्क वसूला गया।

जांच अभियान 15 जनवरी तक चलाया जाएगा। बस मालिकों को हिदायत दी है कि यातायात के तमाम नियमों का पालन करें। यात्रियों को क्षमता के अनुरूप ही बसों में बिठाएं। अन्यथा बसों के परमिट, चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई हो सकती है।
रंजना भदारिया, डीटीओ

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