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निजी कच्चे कुं ए के भरोसे सरेड़ी कॉलोनी के वांशिदें

Updated: IST Rajgarh
एक माह से बंद पड़े हो कॉलोनी के दोनों हैंडपंप, पाइप पाइन स्वीकृति भी पड़ी हुई है अधर में

राजगढ़. शीत ऋतु में पेयजल संकट जिले में किस तरह हावी होगा। इसकी बानगी जिला मुख्यालय से पांच किमी. दूर ग्राम सरेड़ी में देखी जा सकती हैं। जहां की हरिजन कॉलोनी के वांशिदों को पीने के पानी के लिए एक किमी. दूर एक निजी कच्चे कुंए से पानी खींचकर लाना पड़ रहा हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है ग्रीष्मकाल में जिले के हालात क्या होंगे।

सरेड़ी गांव की इस कॉलोनी में 50 से अधिक परिवार निवासी करते है, जो सभी मेहनतकश किसान है या फिर राजगढ़ शहर में मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे हैं। ऐसे में अलसुबह पीने के पानी सहित अन्य उपयोग के लिए पुरजी पिता मांगीलाल वर्मा के कच्चे कुंए से रस्सी के सहारे पानी खिंचकर लाने को मजबूर हैं। ऐसे में कुंए का मालिक अपनी फसलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहा हैं। जबकि कॉलोनी के रामदेव मंदिर और झारी के पास स्थित हैंडपंप बीते एक माह से बंद पड़ा हुआ हैं। जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा 181 सहित पीएचई विभाग को दर्ज कराई हैं। लेकिन इस दिशा में किसी भी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण ग्रामीण महिलाएं खासी परेशान हैं।

सरेड़ी गांव में नल-जल योजना संचालित है। जबकि कॉलोनी में पाइप लाइन नहीं होने के कारण यहां के वाशिदें पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीण घीसालाल, कंवरलाल, रामप्रसाद, धनराज, बीरमसिंह, सुरेश, राकेश, कालीबाई, कलीबाई, पवित्राबाई, सीमाबाई आदि ने बताया कि वे पंचायत से पाइप लाइन बिछाने के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं। जबकि सरपंच कमलसिंह चौहान ने बताया कि वे बहुत पहले कॉलोनी में पाइप लाइन बिछाने का स्टीमेंट बनाकर इंजीनियर को सौंप चुके है। लेकिन हमारी इस समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

बंद हैंडपंपों मैं दिखाकर जल्द ही दुरुस्त करवाता हूं। पाइप लाइन को स्वीकृति तो संभवता मार्च बाद ही मिल पाएगी। -गोविंद भूरिया, ईई पीएचई राजगढ़

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