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फिल्म कलाकार किशोर की याद में कार्यक्रम और जीवित नत्थू को भूल गए!

Updated: IST In the memory of Film actor Kishor orgnise Program
सौ से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके और अब गुमनामी में जी रहे नत्थूदादा के नाम से प्रसिद्ध नत्थूराम को सरकार और प्रशासन ने भूला दिया है।

अतुल श्रीवास्तव/राजनांदगांव. लगभग सौ से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम कर चुके और अब गुमनामी में जी रहे नत्थूदादा के नाम से प्रसिद्ध नत्थूराम रामटेके को सरकार और प्रशासन ने भूला दिया है। राजनांदगांव के ही दिवंगत फिल्म कलाकार किशोर साहू के जन्म के सौ साल पूरे होने पर होने वाले आयोजन को लेकर आयोजन समिति से लेकर अतिथियों तक की सूची से इस जीवित कलाकार को बिसरा देना न सिर्फ आश्चर्यजनक है, बल्कि यह दुखद भी है।

किशोर साहू के जन्म के सौ साल पर समारोह

अच्छी बात है कि राजनांदगांव से ताल्लुक रखने वाले निर्माता निर्देशक रहे किशोर साहू के जन्म के सौ साल होने पर समारोह का आयोजन हो रहा है लेकिन इसी के साथ एक निराशाजनक खबर है कि आयोजन में एक ऐसी फिल्मी हस्ती को याद तक नहीं किया गया है जिसने बॉलीवुड के अपने जमाने के तकरीबन सभी नामचीन कलाकारों के साथ काम किया है।

नत्थूदादा का फिल्मी सफर

लगभग 67 साल की उम्र के नत्थूदादा ने 1982-83 में द सिने आर्टिस्ट ऐसोसिएशन मुंबई के सदस्य थे और उन्होंने सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। हिंदी फिल्मों के शो-मैन राजकपूर, राजकुमार, धर्मेन्द्र, अमिताभ बच्चन, अमजद खान, प्रेमनाथ, दारा सिंह, फिरोज खान, डैनी जैसे कलाकारों के साथ वे काम कर चुके हैं। राजकपूर के साथ मेरा नाम जोकर, अमिताभ बच्चन के साथ कस्मे-वादे और राजकुमार-अमजद खान के साथ धर्मकांटा, फिरोज खान के साथ खोटे सिक्के उनकी प्रमुख फिल्में हंै।

अब गरीबी में जी रहे

राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव मार्ग पर स्थित गांव रामपुर में रहने वाले लगभग दो फीट के नत्थू दादा को भिलाई एक कुश्ती के कार्यक्रम में आए दारा सिंह ने पहली बार देखा था और उन्हें मायानगरी में आने का न्यौता दिया। पहली फिल्म मेरा नाम जोकर मिली। एक फिल्म धर्मकांटा में एक स्टंट सीन में जख्मी होने के बाद नत्थूदादा वापस अपने गांव रामपुर आ गए और अब वो यहां तंगहाली में दिन गुजार रहे हैं।

फिल्मकार साहू पर कार्यक्रम 22 और 23 को

हिन्दी सिनेमा के कलाकार रहे राजनंादगांव के स्व. किशोर साहू के जन्म के एक सौ साल पूरे होने पर समारोह का आयोजन 22 और 23 अक्टूबर को होगा। आयोजन पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर अॅाडिटोरियम हॉल राजनांदगांव में होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से संबद्ध संयुक्त सचिव संजीव बख्शी की अध्यक्षता में सर्किट हाऊस राजनांदगांव में आयोजन समिति की दूसरी बैठक में आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की गई।

बैठक में तैयारियों की समीक्षा

बैठक में आयोजन समिति द्वारा अब तक की हुई तैयारियों की समीक्षा की गई। उद्घाटन 22 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मुख्य आतिथ्य में होगा। सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव भी उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता फिल्मकार महेश भट्ट करेंगे। समारोह में स्व. किशोर की आत्मकथा एवं उनके जीवन वृत्त पर आधारित कैलेण्डर तथा स्मारिका का विमोचन किया जायेगा।

समापन 23 अक्टूबर को

साथ ही भारतीय सिनेमा को दिए गए बहुमूल्य योगदानों पर निर्मित डाक्यूमेन्ट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जाएगा। समापन 23 अक्टूबर को होगा। इस दिन सुबह 11 बजे से स्व. किशोर एवं सुमित्रा देवी अभिनीत फिल्म मयूर पंख का प्रदर्शन किया जायेगा। समापन के मुख्य अतिथि अशोक मिश्र होंगे। समापन समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लोकप्रिय कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा करेंगे।

मुझे पता ही नहीं

फिल्म कलाकार नत्थूदादा ने कहा कि मुझे पता ही नहीं कि राजनांदगांव में ऐसा कोई समारोह हो रहा है। मुझसे किसी ने संपर्क नहीं किया। यदि मुझे बुलाते तो अच्छा लगता।

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