Raman singh invested RS 1 crore in red fort

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पिछड़े और कुपोषित सरगुजा में एक करोड़ का लाल किला

Raman singh invested RS 1 crore in red fort

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Raman singh invested RS 1 crore in red fort
9/7/2013 1:36:00 AM

रायपुर। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी भविष्य में लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करेंगे या नहीं, यह अभी नहीं कहा जा सकता, लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह उन्हें यह अहसास कराने की जुगत में हैं। यह और बात है कि एक समय मोदी से बराबरी का दावा करने वाले डॉ. रमन अब उन्हीं की शरण में हैं।

मक्खनबाजी का आलम यह है कि मोदी को प्रधानमंत्री बनने के सपने के करीब ले जाने के लिए अम्बिकापुर में लाल किले की तरह मंच बनाया गया है। कुपोषण और पिछड़ेपन से जूझ रहा सरगुजा संभाग विकास से कोसों दूर है, पर मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को विकास की तस्वीर दिखाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार करीब डेढ़ घंटे के कार्यक्रम के लिए करोड़ों रूपए फूंकने जा रही है।

मुख्यमंत्री की विकास यात्रा का समापन शनिवार को सरगुजा संभाग के अम्बिकापुर शहर में होगा। इसमें राजनाथ सिंह के अलावा नरेंद्र मोदी मुख्य वक्ता होंगे। हालांकि मोदी ने यह कहा है कि वे प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देख रहे हैं, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों में उन्होंने खुद को व भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में ही प्रस्तुत किया है।

अपने समकालीन मोदी को पार्टी में इतनी तवज्जो मिलना मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को रास नहीं आ रहा था, लेकिन अब उन्होंने यह मान लिया है कि प्रदेश में हैट्रिक बनाना मुश्किल है, लिहाजा उन्होंने मोदी की शरण में जाना बेहतर समझा। यही वजह है कि अपनी विकास यात्रा की शुरूआत उन्होंने मोदी से कराई और अब समापन में भी वे नमो जपते दिखेंगे।

अत्याधुनिक डोम

मोदी के लिए अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान पर लाल किले की तर्ज पर भव्य मंच तैयार कराया है। कलक्टर और एसपी की देखरेख में इस मंच को विभिन्न प्रदेशों के करीब पांच सौ मजदूर तैयार कर रहे हैं। मंच के सामने एक लाख लोगों के बैठने के लिए डेढ़ लाख वर्गफीट पर सुपर एल्यूमिनियम डोम बनाया गया है। यह काम पिछले एक महीने से चल रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक मंच व डोम पर ही एक-एक करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं। बाकी खर्चे अलग हैं।

पिछड़ा संभाग है सरगुजा

प्रदेश का बस्तर और सरगुजा संभाग देश के सर्वाधिक पिछड़े इलाकों में से एक है। सरगुजा संभाग के एक जिले जशपुर में कलक्टर रहे अंकित आनंद इस बात को सार्वजनिक रूप से भी कह चुके हैं। संभाग में कुपोषण का प्रतिशत सर्वाधिक है। वहां की जर्जर सड़कें और लोगों की बदहाल स्थिति इस पिछड़ेपन की गवाह हैं। ऎसे जिले में अपने राष्ट्रीय नेताओं के सामने वाहवाही लूटने के लिए सरकार करोड़ों रूपए फूंक रही है।

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