हॉकी की "रानी" ने रची नई कहानी

Rani Rampal-Queen of Indian Hockey

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Rani Rampal-Queen of Indian Hockey
8/8/2013 1:02:00 PM
Rani Rampal-Queen of Indian Hockey

जयपुर। "70 मिनट हैं तुम्हारे पास, तो जाओ और अपने आप से, इस जिंदगी से, अपने खुदा से, और हर उस इंसान से जिसने तुम पर भरोसा नहीं किया, अपने सत्तर मिनट छीन लो।" यह महज एक फिल्मी डायलॉग हो सकता है, लेकिन हॉकी की एक रानी ऎसी भी है जिसने अपने जीवन के वह सत्तर मिनट हर बार न सिर्फ जीएं हैं, बल्कि प्रतिद्वंद्वियों से सफलता छीन कर इतिहास भी रचा है।


हॉकी की रानी के नाम से आज देश की वाहवाही बटोर रही रानी रामपाल हाल ही जर्मनी में हुए अंडर 21 वल्र्ड कप टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की ट्रॉफी के साथ भारत लौटी हैं। टूर्नामेंट में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की जेब में कांस्य पदक डालने में बड़ा योगदान करने वाली रानी की कहानी बेहद दिलचस्प है।


कोच ने दी हॉकी स्टिक और किट


भारतीय टीम के लिए संकटमोचन के रूप में उभरने वाली रानी का जन्म 1994 में कुरूक्षेत्र के शाहबाद में हुआ। रानी बेहद गरीब परिवार से आती हैं और उनके पिता रामपाल तांगा चलाते हैं। रानी ने 2003 में शाहबाद हॉकी एकेडमी में कोच बलदेव सिंह से ट्रेनिंग शुरू की।


घर में पैसों की तंगी के चलते रानी ने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना किया है। एक वक्त ऎसा भी आया जब रानी के परिवार ने हाथ खड़े कर दिए, उस वक्त रानी के कोच ने उन्हें हॉकी स्टिक और किट दी। छोटे से घर में रहने वाली रानी के बड़े भाई कार्पेटर हैं और उन्हें एकेडमी जाने के लिए रोज दो किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था, बाद में उन्होंने साइकिल खरीदी।


खेल के लिए रानी के जज्बे और लगन को देखते हुए गो स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने उन्हें आर्थिक और बाकी मदद दी। 15 साल की उम्र में रानी 2010 वल्र्ड कप के लिए नेशनल टीम की सबसे छोटी सदस्य बनीं।


पहले भी कर चुकी हैं कमाल


फॉर्वर्ड पोजीशन पर खेलने वाली रानी ने 2009 जून में रूस में चैम्पियंस चैलेंज टूर्नामेंट में 4 गोल कर भारत को फाइनल्स जीतने में बड़ा योगदान दिया था। इस टूर्नामेंट में उन्हें "टॉप गोल स्कोरर" और "यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट" का खिताब भी दिया गया था।


इसके बाद नवंबर 2009 में एशिया कप में भारत ने रानी की बदौलत ही रजत पदक जीता था। इसके बाद रानी ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2010 के एशियन गेम्स में भी हिस्सा लिया और 2010 में अर्जेटीना में आयोजित हुए विमनंस हॉकी वल्र्ड कप में सात गोल किए जिससे विश्व विमन हॉकी रैंकिंग में भारत नौंवे स्थान पर आ गया। यही नहीं रानी एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्हें एफआईएच चिमंस यंग प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2010 के लिए नामांकित किया गया था।


टीम में छह में से पांच खिलाड़ी शाहबाद से


शाहबाद जैसे छोटे से कसबे के लिए यह गर्व की बात है कि जूनियर हॉकी वल्र्ड कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम की छह खिलाडियों में से पांच शाहबाद की हैं और एक खिलाड़ी हिसार की है। रानी के कोच सिंह के मुताबिक, "यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। इस जीत से और लड़कियो का भी हौंसला बढ़ेगा।


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