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रतलाम मंडी में बंपर आवक, कृषक की उपज बाहर

Updated: IST Bumper inward, cultivator yields out in Ratlam Man
700 से अधिक ट्रॉली मंडी के अंदर, गेट लगाकर गेहूं की ट्रॉलियों को शाम तक नहीं लिया अंदर

रतलाम। कृषि उपज मंडी में हर दिन किसान समस्याओं से जुझ रहा है, कभी मंडी परिसर में तो कभी गेट के बाहर नीलामी के लिए दो-तीन दिन तक इंतजार महंगा साबित हो रहा है। सोमवार को खुली मंडी के भी हाल बेहाल रहे। रात में ट्रॉली अंदर लेने के बाद सुबह से गेट बंद कर दिए, जिस कारण पूरे दिन गेहूं से भरी ट्रॉलियों पर मायूस चेहरा लिए बैठे किसानों का नंबर शाम को आया। किसानों की माने तो मंडी आकर वापस घर उपज ले जाने पर भाड़ा भी नहीं निकलता है, इसलिए मजबूरीवश इंतजार करना ही समस्या का हल रहा। हालात इतने खराब है कि शहर सहित अन्य जिलों से भी कृषक गेहंू व अन्य उपज लेकर रतलाम मंडी पहुंच रहे हैं। जिसके चलते प्रतिदिन 1000-800 ट्रॉलियां मंडी परिसर में पहुंचकर जाम जैसे स्थिति निर्मित कर रही है।

कृषि उपज मंडी प्रशासन ने किसानों को परेशानी न हो इसके लिए जितनी ट्रॉलियां प्रतिदिन नीलाम हो रही है, उतनी ही ट्रॉलियों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि जाम जैसे स्थिति निर्मित न हो। साथ ही मंडी गेट पर सूचना भी चस्पा कर दी गई है कि मंडी प्रांगण में 1000 के लगभग वाहनों की संख्या हो गई है, प्रतिदिन 600-650 वाहनों में भरी उपज की नीलामी हो रही है, शेष वाहनों की नीलामी आगामी दिवस में की जाती है। आवश्यकता एवं प्रांगण में जगह होने पर कृषि उपज से भरे वाहनों को लिया जा सकता है। कृषक मंडी में वाहनों की स्थिति का पता करके ही कृषि उपज लेकर आवे और असुविधा से बचे। शाम तक 700 से अधिक ट्राली मंडी प्रांगण में पहुंच चुकी थी।

समर्थन मूल्य खरीदी में देरी, भड़के किसान

रतलाम। कृषि उपज मंडी स्थित समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर सुबह 11.30 बजे तक नीलामी कार्य शुरू नहीं होने से किसान भड़क गए। किसानों का कहना था की तीन दिन से मंडी में पड़े हंै, लेकिन मंडी खुलने के बाद भी समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वालों के पते नहीं है। जड़वासा खुर्द से आए किसान भरत पाटीदार, समरथ पाटीदार ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं तुलवाने के लिए तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, कोई सुनने वाला तक नहीं है। एक-एक ट्रॉली लेकर आए थे, वह भी शुक्रवार से लगी है। शनिवार को खरीदी का कोटा पूरा होने का कहकर तौल नहीं हुआ। सोमवार सुबह 9 बजे से बैठे हंै 10 बजे के समय है, लेकिन किसी का पता नहीं है। फोन लगा रहे फिर, लेकिन उठा नहीं रहे हैंं।

धराड़ समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र प्रभारी संजयसिंह राठौर ने बताया कि शनिवार की शाम को व्यापारियों की आखरी नीलामी के बाद देर शाम कृषक समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर पहुंचे थे, इसलिए कुछ ट्रॉली शेष थी। कांटे पर सुबह सोयाबीन थे, इसलिए कुछ देरी हुई। वैसे सोमवार को नीलामी के साथ ही तौल शुरू कर दिया था।

10 किमी में 2300 का फटका

पलसोड़ा के कृषक कीर्तिकुमार बोराना ने बताया कि कल तीन दिन हो जाएंगे, गांव 10 किमी दूर है, आना जाना 20 किमी हो जाता है। प्रतिदिन करीब 300 रुपए प्रति व्यक्ति का खर्चा हो जाता है। शुक्र है वाहन घर का है, अगर भाड़े का होता तो 1400 रुपए प्रतिदिन का लगता। ऊपर से 600 रुपए डीजल का। 10 किमी में करीब 2300 रुपए का फटका लग रहा है। गत रात को किसी ने मंडी में ट्रैक्टर की डीजल नली तक निकाल दी, जिससे भी नुकसान हो गया।

इनका कहना है...

सोमवार को नीलामी के बाद भी 600-700 ट्रॉलियां मंडी परिसर में नीलाम होना शेष है। कृषकों को असुविधा न हो इसके लिए गेट पर सूचना लगा दी गई है, ताकि मंडी परिसर में वाहनों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे।

आर वसुनिया, सचिव, कृषि उपज मंडी, रतलाम

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