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एसडीएम के विरुद्ध आक्रोश जताया, मामले की न्यायिक जांच की मांग

Updated: IST ratlam news
पुलिस के साए में निकला संघर्ष समिति का जुलूस, राज्यपाल के नाम पर सौंपा एडीएम को ज्ञापन।

जावरा (रतलाम)। नाना साहब का बाग निवासी जाहीद खां के आत्महत्या मामले में एसडीएम अनूपकुमारसिंह को क्लीन चिट मिलने के बाद जांच से अंसतुष्ट परिजनों व समाजजनों ने संघर्ष समिति के आह्वान पर मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। दोपहर में मृतक के घर से कर्बला मैदान तक मौन जुलूस निकाला। इसमें एसडीएम को हटाने, न्यायिक जांच के साथ जाहीद के परिजनों को न्याय दिलाने की तख्तियां थामे बच्चों से लेकर युवा व वरिष्ठ भी चल रहे थे। कर्बला मैदान में ज्ञापन सौंप समिति सदस्यों ने अपनी मांग रखी।

अब इनका कौन सहारा

जुलूस के साथ ही कर्बला मैदान में परिजन व समाजजन मृतक जाहीद की दोनों बेटी गुलबानो (1) व आफरीन (3) को भी लेकर पहुंचे। समिति सदस्यों ने दोनों मासूमों को आगे लाकर बताया कि अब इन मासूमों का कौन सहारा। नन्हीं बच्चियों के सर से पिता का साया उठ गया। बावजूद इन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। जाहीद के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरा समाज सड़कों पर उतर आया है। राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन में न्यायिक जांच की मांग करते हुए परिजनों को सहायता देने की मांग भी उठाई। जाहीद की आत्महत्या के पीछे परिजनों ने एसडीएम पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी, इधर जांच में एसडीएम पर लगे सभी आरोप निराधार बताकर क्लीन चिट मिल गई। एसडीएम ने बुधवार को काम-काज संभाल लिया। ऐसे में समाजजनों का आक्रोश सड़कों पर मौन जुलूस के रुप में शुक्रवार को दिखा।

ज्ञापन में यह की मांग

संघर्ष समिति के सदस्यों ने कर्बला मैदान में अपर कलेक्टर विनय धोका को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 10 सितबंर को एसडीएम अनूपकुमारसिंह के अमले ने नानासाहब का बाग निवासी जाहिद खां के वाहन को रोका और मारपीट की थी। रातभर विश्रागगृह पर हुए उसे प्रताडि़त किया था। इससे प्रताडि़त होकर जाहीद ने 12 सितंबर को घर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने भी जांच के दौरान एसडीएम व उनके साथियों को बचाने के लिए जांच के साथ बचाने के साक्ष्य भी जुटाए और अनुचित तरीके से जांच की।

अब तक की हो जांच

ज्ञापन में संघर्ष समिति ने एसडीएम अनूपकुमार की पदस्थापना से लेकर अब तक किन लोगों के प्रकरण बने इनकी जांच और प्रताडि़त जिन लोगों को किया उनके नाम की जांच की मांग की। साथ ही सीबीआई जांच जब तक मामले की हो तो एसडीएम को यहां से दूर रखते हुए अन्य जगह पर पदस्थ किया जाए। फरियादी पक्ष के साथ ही गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। इस दौरान संघर्ष समित के मोहम्मद साबिर, युसुफ कड़पा, जमील उस्मानी, असलम मेव, उबेद अंसारी, अकबर मिर्जा, बब्बन रजा के साथ ही प्रभु राठौर, राघवेंद्रसिंह चंद्रावत, हिम्मतसिंह श्रीमाल, प्रदीपसिंह सोलंकी, सुशील कोचट्टा के साथ ही बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।

छावनी बना शहर

मौन जुलूस को लेकर प्रशासन व पुलिस सुबह से ही अलर्ट हो गए थे। प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, तो मृतक के घर से लेकर कर्बला मैदान तक भी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था। एएसपी प्रशांत चौबे शहर पहुंचे तो एएसपी दीपक शुक्ला, एसडीओपी केके व्यास, शहर टीआई पीआर डावरे, आईए टीआई हरीश जेजुरकर, रिंगनोद टीआईमाधवसिंह ठाकुर, कालूखेड़ा टीआई एमएस कनेश सहित जिले के विभिन्न थानों के टीआई व पुलिस बल के साथ ही जिले के अन्य अनुविभाग के एसडीओपी भी सुरक्षा इंतजामों के तहत शहर में मौजूद थे। जिले के पुलिस बल के साथ होमगॉर्ड, एसएफ की भी शहर में ड्युटी लगाई गई थी। एडीएम के साथ ही तहसीलदार अजय हिंगे के अलावा राजस्व अमले सहित पटवारीगण भी मौजूद थे।

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