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...किसानों को लौटाया 3 किमी दूर अनाज मंडी

Updated: IST Farmers returned 3 km grain market
मंडी प्रशासन के पास नहीं है माकूल व्यवस्था, जिले का किसान अन्य मंडियों में जाने को मजबूर, गत चार दिनों से किसान मचा रहा त्राहि-त्राहि, पावर हाउस मार्ग पर वाहनों की लम्बी कतारें

रतलाम। सुबह से शाम तक लहसुन लदी गाडिया लेकर सड़क किनारे अपनी बारी का इन्तजार करने के बाद किसान गुरुवार को जैसे ही पावर हाउस मार्ग स्थित लहसुन-प्याज मंडी पहुंचे तो मंडी प्रशासन ने उनकी समस्या और बढ़ा दी। मंडी प्रशासन लहसुन रखवाने की व्यवस्था तो नहीं कर पाया, उल्टे उन्होंने किसानों को टोकन थमा तीन किलोमीटर दूर स्थित अनाज मंडी जाने की राह दिखा दी। मंडी के प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। साथ ही यहां नोटिस चस्पाकर दूसरी मंडी में गाडियां खड़ी करने की नसीहत दे डाली। उन्हें ये कहकर वहां से लौटा दिया कि अब उनकी बारी आने पर ही उनकी लहसुन नीलामी के लिए मंडी में मंगवाई जाएगी।

गत चार दिनों से जाम

लहसुन-प्याज मंडी में गत चार दिनों से जाम लग रहा है, मंडी प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण किसान हर दिन अंदर और मंडी के बाहर जगह मिलने से परेशान है। बुधवार की तरह गुरुवार को भी यही हालात रहे। आधे घंटे तक मंडी में व्यापारियों ने नीलामी बंद कर दी। मंडी प्रशासन ने जगह की कमी बता शाम को मंडी गेट पर नोटिस चस्पा दी कि अब बगैर टोकन के लहसुन-प्याज मंडी में किसानों के वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही कृषकों को टोकन देकर महू-नीमच रोड स्थित अनाज मंडी में वाहन खड़ा करने की व्यवस्था बता दी। अब जब नंबर आएगा तभी वाहनों को लहसुन-प्याज मंडी सुविधा अनुसार अंदर लिया जाएगा। इस व्यवस्था से कई किसान नाराज नजर आए, तो कुछ वाहन लेकर चले भी गए। किसानों की माने तो मंडी में पर्याप्त व्यापारी है और न ही मंडी प्रशासन के पास कर्मचारी। कई कर्मचारी तो ड्यूटी छोड़ दूसरे कामों में लगे रहते हैं। गुरुवार दोपहर बाद मंडी के दोनों गेट बंद कर दिये गए, तो पॉवर हाउस रोड पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई, जिससे आमजन भी परेशान होते रहे।

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क्या कहता अन्नदाता

कृषक शंकरलाल डोडियार सुजलाना, सेजावता के रामलाल व अरविंद पाटीदार का कहना है कि हम जाएं कहां और उपज कहां रखे, जगह नहीं तो मंडी प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। दो-दो दिन के बाद नीलामी में नंबर आ रहा है। व्यापारी भी हर दिन किसी न किसी बात को लेकर मंडी बंद कर नीलामी प्रभावित कर रहे हैं, जबकि मालूम है कि आवक अधिक है, तो काम रोकना और मुसीबत बड़ा देगा। यहां तक की अधिक आवक के कारण किसानों को अब भाव भी कम मिलना शुरू हो गए है।

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अब तक नहीं मिली 23 बीघा जमीन

सालों से लहसुन-प्याज मंडी में जगह की कमी के कारण, अधिक आवक आने पर जाम जैसी स्थिति हर साल सीजन में बनती है। मंडी परिसर में जगह नहीं होने के बाद शहर के मध्य मंडी से पावर हाउस रोड से दो बत्ती तक वाहनों की कतार लग जाती है। पिछले चार दिन से भी यही हो रहा है। दूसरी और इसी परेशानी के कारण कृषि उपज मंडी के समीप 23 बीघा जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन को चार-पांच माह पूर्व राशि जमा कराने के बावजूद मामला अटका हुआ है।

बगैर टोकन के अब प्रवेश नहीं

लहसुन-प्याज मंडी में उपज रखने की जगह नहीं है। इसलिए किसानों को टोकन दिए जाकर अनाज मंडी में वाहन खड़े करने को कहा है, जैसे जगह खाली होती उन्हे नंबर से मंडी में प्रवेश देकर उपज नीलाम की जाएगी। करीब 6 हजार कट्टे अभी नीलाम होना बकाया हैं। 23 बीघा जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन से चर्चा की जाएगी।

आर वसुनिया, सचिव, कृषि उपज मंडी, रतलाम

फैक्ट फाइल

2 दिन से आधे-आधे घंटे नीलामी बंद।

6 हजार कट्टे अब भी परिसर में पड़े।

100 से अधिक किसानों दिए टोकन।

4 हजार कट्टों की प्रतिदिन मंडी आवक।

लहसुन-प्याज लेकर किसान अनाज मंडी पहुंचे

मंडी उपाध्यक्ष भानुप्रतापसिंह शक्तावत व डायरेक्टर सुरेंद्रसिंह भाटी ने बताया कि लहसुन की बंपर आवक होने के कारण मंडी में जगह कम पड़ रही है। किसानों को समझाईश देकर अनाज मंडी में वाहनों को खड़ा करने को कहा जा रहा है। किसानों की परेशानी न हो इसलिए गुरुवार शाम से टोकन की व्यवस्था की गई। शुक्रवार से टोकन के नंबर आने पर ही लहसुन-प्याज मंडी में कृषकों के उपज से भरे वाहन प्रवेश करेंगे। किसान कल से अनाज मंडी लहसुन-प्याज लेकर जाए वहीं पर वाहन खड़े करे, नंबर आने पर ही लहसुन-प्याज मंडी सैलाना बस स्टैंड पहुंचे।

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