Patrika Hindi News

गौरी मेम ने बच्चों से क्या पूछा यहां रहना अच्छा लगता

Updated: IST
जेआरएम के दल ने बैठक निरस्त, सीधे निरीक्षण पर पहुंची टीम, दुरूस्थ अंचल के बच्चों की शैक्षणिक व्यवस्था देखकर सराहा, शिक्षक का साक्षात्कार कैमरे में कैद किया

रतलाम। विश्व बैंक और मानव संसाधन मंत्रालय के संयुक्त दल ने गुरुवार को सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया। दल ने कलेक्टोरेट में बुलाई गई बैठक को निरस्त करते हुए सीधे निरीक्षण करने का ऐलान किया तो सारे अधिकारी अलर्ट हो गए। शुरुआत आवासीय विशेष प्रशिक्षण केन्द्र दीनदयाल नगर से किया।

 World Bank Officer

यहां दल के सदस्यों ने बच्चों से सवाल पूछा यहां तुम्हारे मां-बाप मिलने आते हैं या नहीं। तुम्हें यहां अच्छा लगता है कि घर पर। बच्चे इतनी ज्यादा संख्या में अधिकारियों के लवाजमे को देखकर जवाब देने में सकुचाते दिखे। बच्चों की अलग-अलग यूनिफार्म देखकर पूछा एक जैसी क्यों नहीं है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रावि, मावि और हाईस्कूल की अलग-अलग यूनिफार्म हैं इसलिए अलग है। प्रभारी डीपीसी डॉ. सक्सेना ने बताया बच्चों से चर्च कर दल ने संतोष जाहिर किया। दल ने रूपनगर का निरीक्षण आखिर में किया और बड़ावदा के रास्ते शाम को उज्जैन रवाना हो गए। तब जाकर जिले के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

ये थे दल में शामिल

 World Bank Officer

दल में विश्व बैंक द्वारा नामांकित आस्ट्रिया की माग्र्रेट क्लार्क, भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से नामांकित सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अजीत पटनायक सदस्य प्रमुख थें। दल के साथ में राज्य शिक्षा केन्द्र में पदस्थ अपर संचालक शीला दाहिमा व राज्य शिक्षा केन्द्र के अन्य सदस्य भी भ्रमण पर है। इसके पहले कलेक्टर बी. चन्द्रशेखर ने दल के सदस्यों से सर्किट हाउस में भेंटकर राज्य शिक्षा केन्द्र जिले में चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।


शिक्षक का साक्षात्कार कैमरे में कैद किया

निरीक्षण पर आए दल ने जावरा विकासखंड के रूपनगर प्रावि में अंतिम पड़ाव किया। यहां स्कूल को व्यवस्थित देख और बच्चों से चर्चा के दौरान दल के सदस्य इतने प्रभावित हुए कि यहां पदस्थ शिक्षक बीएल राठौर से साक्षात्कार लिया और उसका वीडियो बनाकर ले गए। इस स्कूल में बच्चों ने मप्र गान पर डांस के साथ प्रस्तुति दी। दल ने बच्चों से यहां पहले तो लिखवाया और फिर पुस्तक पढ़वाई। सभी में बच्चों के अच्छे प्रदर्शन से खुश होकर उन्होंने शिक्षक का साक्षात्कार लिया।


ट्रांसलेटर के माध्यम से की चर्चा

दल में शामिल वल्र्ड बैंक की सदस्य को हिंदी नहीं आती। इसलिए उनके साथ ट्रांसलेटर भी था। सदस्य अंग्रेजी में सवाल करती जिसे ट्रांसलेटर हिंदी में करके बच्चों से पूछते और बच्चों से मिले जवाब को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करके उन्हें बताता कि क्या कह रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सेवानिवृत्त अधिकारी को भी हिंदी कम ही आती जिन्हें भी इसी तरह से समझाया गया। जाते हुए वे दीनदयालनगर के छात्रावास में अपनी तरफ से शुभकामनाएं लिखकर गईं।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???