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ट्रेन का ठहराव नहीं, सोशल मीडिया में हो रहा विरोध

Updated: IST
जावरा की पहचान देश ही नहीं, विश्व में हुसैन टेकरी की वजह से है, व यहां वर्षभर आने वले जायरिनों को रतलाम या मंदसौर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

रतलाम। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयोग के रुप में 30 अप्रैल से इंदौर-रतलाम-जयपुर-दिल्ली ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इस ट्रेन को जावरा में ठहराव नहीं देने के रेलवे के निर्णय का सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया है। नगर पालिका में विपक्ष के नेता रहे कुतुबद्दीन ने ये विरोध शुरू किया है व इसको आमजन का समर्थन मिल रहा है। इसके पूर्व भी रेलवे ने यहां के ट्रैक से ट्रेन तो निकाली, लेकिन उसका ठहराव देना जरूरी नहीं समझा। जावरा की पहचान देश ही नहीं, विश्व में हुसैन टेकरी की वजह से है, व यहां वर्षभर आने वले जायरिनों को रतलाम या मंदसौर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अब तक न विधायक न सांसद ने इसके लिए पहल शुरू की है।

इन ट्रेन के ठहराव की हो रही मांग

- हैदराबाद-अजमेर-हैदाराबाद

- कोलकाता-अजमेर-कोलकाता

-ओखा-नाथद्वारा-ओखा

इन्होने उठाई थी सबसे पहले आवाज

जावरा में ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर सबसे पहले हुसैन टेकरी वफ्फ कमेटी के सरवर अली ने सबसे पहले 2012-13 में आवाज उठाई थी। तत्कालीन विधायक महेंद्रसिंह कालूखेड़ा व संसद सदस्य मिनाक्षी नटराजन ने इसके लिए रेलमंत्री को पत्र भी लिखा था। तब रेलवे ने ये भरोसा दिलाया था कि छह माह के प्रयोग के रुप में ट्रेन का ठहराव करने के बारे में विचार किया जा रहा है। केंद्र में सरकार बदली व जावरा में विधायक बदल गए। इसके बाद प्राथमिकताएं भी बदल गई। ये अलग बात है कि नहीं बदली तो वर्षभर में आने वाले 10 लाख जायरिनों की परेशानी

इस तरह होती है परेशानी

हैदराबाद से लेकर कोलकाता व अजमेर तरफ से आने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। इसकी वजह से है कि वे जिन ट्रेन में आरक्षण करवाते है वे जावरा में ठहराव नहीं करती। एेसे में इन यात्रियों को या तो रतलाम उतरना होता है या मंदसौर। दोनों परिस्थिति में परेशानी तो जायरिनों की होती है।

अब गर्मा रहा मामला

दो दिन पूर्व कुतबुद्ीन ने ट्रेन के जावरा में ठहराव नहीं होने की बात को सोशल मीडिया में दिया। इसके बाद उस पोस्र्ट को न सिर्फ समर्थन मिला, बल्कि लोगों ने इसे अंादोलन का रुप देने की बात भी की है।

अब तो सुविधा दे रेलवे

रेलवे भले छह माह के प्रयोग के रुप में सुविधा दे, लेकिन जावरा को उसका हक मिलना चाहिए। जब पत्रिका मंे इंदौर-रतलाम- दिल्ली ट्रेन के जावरा में ठहराव नहीं होने की खबर पढ़ी तब से मन विचलित है कि हमारे जनप्रतिनिधि हक की आवाज क्यों नहीं उठाते है।

-कुतबुद्ीन सैफ, कांगे्रस नेता, जावरा

शीघ्र मिलुंगा रेलमंत्री से

जावररा की रेल सुविधाओं को लेकर शीघ्र रेल मंत्री से मुलाकात करुंगा। ये विश्वास रखे की जावरा का हक खोने नहीं दिया जाएगा। जरुरत पड़ी तो आमजन का प्रतिनिधिमंडल लेकर जाउंगा, लेकिन शीघ्र ठहराव ट्रेनों का जावरा में शुरू करवाउंगा।

- डॉ. राजेंद्र पांडे, विधायक जावरा

शीघ्र चर्चा करुंगा

संसदीय क्षेत्र को रेलवे ने अनेक सौगात दी है। इसके बाद भी जावरा में ट्रेन के ठहराव की मांग के बारे में रेलमंत्री से मुलाकात कर शीघ्र करुंगा।

- सुधीर गुप्ता, संसद सदस्य

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