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हादसों के बाद भी प्रशासन बना बेपरवाह

Updated: IST Jaman patli
पिकनिक स्पॉट पर मौजू-मस्ती के लिए पानी के बीच में पहुंच रहे लोग, जिन पर है सुरक्षा का जिम्मा वह भी है लापरवाह

रतलाम। पर्यटन स्थलों पर बारिश में होने वाले हादसों के बाद भी स्थानीय प्रशासन की नींद टूटती नजर नहीं आ रही है। आमजन की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला कितना सजग है, इसका ताजा उदाहरण रविवार को जामण-पाटली पर देखने को मिला। जहां परिवार सहित पिकनिक मनाने आए लोग पानी के बीच पहुंचकर मौज-मस्ती करते नजर आए, उन्हें रोकने के लिए यहां कोई नहीं था। आमजन की सुरक्षा के नाम पर यहां दो होमगार्ड के जवान तैनात थे, लेकिन वह भी इन लोगों के बीच अपनी मस्ती में मस्त नजर आए।

वैसे भी हजारों की भीड़ में पानी के बीच कोई हादसा हो जाए तो होमगार्ड के जवान जब तक मौके पर पहुंचेंगे तब तक काफी देर हो चुकी होगी। इतने लोगों की भीड़ में दो जवानों का उन पर नजर रख पाना वैसे भी संभव नहीं है। जामण में रविवार को पहुंचे कई लोग बच्चों को लेकर पानी के बीच में मौज-मस्ती करते नजर आए। इस दौरान कई लोग खतरनाक जगहों पर खडे़ होकर सेल्फी व फोटो लेने में इतने मशगुल दिखे कि उन्हें किसी की परवाह भी नहीं थी।

पांच लोगों की गई थी जान

एेसे ही मौसम में करीब पांच साल पहले जामण में नदी में जब लोग परिवार सहित मौज-मस्ती कर रहे थे। तभी अचानक से पानी बढऩे लगा था। लोग कुछ समझ कर बाहर निकल पाते उसके पहले पानी का बहाव इतना तेज हो गया था कि कई लोग इसमें बह गए थे। इनमें से पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। उसके बाद से यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, जो अब पहले जैसे नजर नहीं आ रहे है।


खतरनाक मोड़ पर नहीं संकेतक

जामण-पाटली मार्ग पर पर्यावरण पार्क के बाद खतरनाक मोड़ व उतार आ जाता है। एेसे में यहां पर सड़क हादसों से आमजन को बचाने के लिए रोड संकेतक भी नहीं लगे है। एेसे में कई बार तेज गति से आने वाले वाहन यहां पर हादसों का शिकार होने से बचते है। मार्ग पर आने व जाने वाले दोनों हिस्सों पर संकेतक नहीं लगाए जाना भी लापरवाही दर्शाता है।


होमगार्ड कमांडेंट आरएस खींची से सीधी बात


1. पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर कोई निर्देश मिले है क्या।

- आमजन की सुरक्षा को लेकर शासन व स्थानीय प्रशासन से निर्देश मिले है, उसके अनुरूप काम किया जा रहा है।


2. कितने जवानों की तैनाती की गई है।

- हर स्थान के लिए दो-दो होमगार्ड सैनिक संबंधित थानों को दिए गए है।


3. सैकड़ों लोगों की भीड़ में दो सैनिक पर्याप्त है क्या।

- सैनिकों के साथ जरूरत के हिसाब से पुलिस भी रहती है।


4. सुरक्षा उपकरणों की क्या व्यवस्था है।

- लाइफ जैकेट, रस्से व सुरक्षा संबंधित अन्य उपकरण मुहैया कराए गए है।


5. लोगों को पानी के बीच में जाने से क्यो नहीं रोकते है।

- आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सभी को पानी में जाने से रोका जाता है, लेकिन लोग अनसुना कर पानी में जाते है।

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