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खेतों में टूट रहा सोयाबीन का दम

Updated: IST Soybean sinks in fields
एक-दो दिन में पानी नहीं आया तो करना पड़ेगी डबल बोवनी

रतलाम। जिले में जहां भी पिछले दिनों हुई अच्छी बारिश के चलते किसानों ने सोयाबीन की बोवनी कर दी, लेकिन अब हालात ये बन रहे हैं कि वह सोयाबीन खेतों में बारिश की लम्बी खेंच होने के कारण खराब होने आ गई है। कई खेतों में तो सोयाबीन बाहर ही नहीं निकल पाई है, जो निकली वह भी गर्मी के कारण मुरझाने लगी है।

कृषकों की माने तो कई गांव ऐसे है जहां 60 प्रतिशत तक बोवनी की जा चुकी है। सप्ताह भर पहले पिपलौदा और सैलाना विकासखंड में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। यही हाल ढीकवा, रत्तागढ़ खेड़ा, बिलपांक, मसवाडिय़ा, प्रीतमनगर, रुनिजा के आसपास के क्षेत्रों में भी रहे।

60-70 प्रतिशत फसल बोवनी की जा चुकी

रत्तागढख़ेड़ा के किसान गोविंद पाटीदार, रघु पाटीदार और अर्जुन पाटीदार का कहना है कि शुरुआत में अच्छी बारिश के कारण सोयाबीन लगा दी थी, गांव में करीब 60-70 प्रतिशत फसल बोवनी की जा चुकी है। अगर एक-दो दिन में बारिश नहीं आती है तो डबल बोवनी का संकट गहराने लगेगा।कई किसानों की तो गर्मी के कारण खेतों में ही सोयाबीन खराब होकर अंकुरित नहीं हो पाई, जो अब बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

पर्याप्त नमी पर ही करे बोवनी

जिले में जहां पहले अधिक पानी गिर गया वहां बोवनी कर दी गई थी। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई और बोवनी कर दी गई वहां सोयाबीन अंकुरित नहीं होने के समाचार मिले है। वैसे 4 इंच से अधिक बारिश होने पर ही किसानों को बोवनी करना चाहिए। जिन किसानों ने बोवनी कर दी है, वे अगर पानी की व्यवस्था हो तो स्प्रींग्लकर का उपयोग कर अंकुरित फसल को बचा सकते हैं।

केएस खपेडिय़ा, उपसंचालक कृषि विभाग रतलाम

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