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हड़ताल ने ठप कर दी नगर निगम

Updated: IST ratlam
- नगर निगम यूनियन के आव्हान पर पहले दिन 1250 कर्मचारी काम से रहे दूर - महपौर के रवैये पर आक्रोश, आयुक्त ने की कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा

रतलाम। नियमितिकरण की मुख्य मांग को लेकर सोमवार को नगर निगम कर्मचारी यूनियन की बेमियादी हड़ताल शुरू हो गई। पहले ही दिन निगम का खजाना भरने वाले जलकर सहित संपत्तिकर व भवन निर्माण शुल्क कक्षों पर ताले लग गए। हालांकि कर्मचारियों ने नागरिकों की सुविधा को देखते हुए आवश्यक सेवाओं को बहाल रखा, लेकिन निगम का कार्यालयीन काम-काज ठप हो गया। वहीं, सुलह के प्रयास करते हुए आयुक्त ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रिपोर्ट नगरीय प्रशासन एंव विकास विभाग को भेज दी। मंगलवार को यूनियन के प्रदेश प्रतिनिधि रतलाम आएं।

नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को बरसते पानी में प्रदर्शन कर हड़ताल की शुरूआत कर दी। दोपहर पूर्व यूनियन के अध्यक्ष दिनेश सोलंकी के नेतृत्व में करीब 1250 से ज्यादा कर्मचारियों ने निगम परिसर में मुख्य द्वार के सामने प्रदर्शन किया। भारी नारेबाजी के बीच कर्मचारी एकत्रित होकर विनियमितकरण की मुख्य मांग के समर्थन में करीब दो घंटे तक परिसर में डटे रहे। इस दौरान कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण हड़ताल ही आखिरी रास्ता शेष था, अब मांग नहीं मानने तक हड़ताल होगी। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों ने दोपहर के बाद निगम के मुख्य द्वार के बाहर धरना भी शुरू कर दिया। यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ अन्य कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी हड़ताल में शामिल रहे।

चार बार आयुक्त ने आकर की प्रतिनिधियों से चर्चा

निगम कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोजाना के कामकाज पर पड़ा है। जलकर सहित विभिन्न कर भुगतान वाली शाखाओं में कार्य ठप हो गया। वहीं, कार्यालयीन कामकाज भी बाधित हो गया। पहले व दूसरे तल की कई शाखाओं पर तो दिनभर ताले लटके रहे। हालांकि निगमायुक्त एसके सिंह ने दोपहर में यूनियन के प्रतिनिधियों से दो बार चर्चा की। इसके बाद भी सुलह का रास्ता निकलने पर दोपहर के बाद आयुक्त फिर से मिलने आए और प्रतिनिधियों से बातचीत की गई। शाम को करीब 4.30 बजे आयुक्त ने नगरीय प्रशासन विभाग को हड़ताल की रिपोर्ट भी भेज दी।

महापौर के खिलाफ आक्रोश, चर्चा के लिए नहीं बुलाया

हड़ताल के बाद यूनियन प्रतिनिधियों से आयुक्त सिंह चर्चा करते रहे, लेकिन महापौर डॉ. सुनीता यार्दे सामने नहीं आई। इस पर यूनियन प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए महापौर का विरोध कर दिया। यूनियन के अध्यक्ष सोलंकी का कहना है कि महापौर को चर्चा के लिए आगे आना था, लेकिन वे धरना स्थल के सामने से निकल गई। इस दौरान किसी भी प्रतिनिधि से चर्चा नहीं की।

आज आएंगे प्रांतीय अध्यक्ष, अन्य संगठनों का भी साथ

कर्मचारी यूनियन की हड़ताल में सोमवार को देवास निगम के कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक देशमुख व हरेंद्र ठाकुर, मनासा के कमलेश व्यास, बुरहानपुर के उपेंद्र गुजराती सहित उज्जैन और इंदौर की यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए। 18 जुलाई को संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह सोलंकी आएंगे। इसके साथ ही 15 दिन में हड़ताल पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में शुरू होगी।

प्रकाशकर से लेकर जलकर शाखाओं में सन्नाटा

- हड़ताल में जलकर, प्रकाशकर, संपत्तिकर सहित विभिन्न भुगतान शाखाओं के 39 कर्मचारी शामिल है। इससे इन सभी शाखाओं में सोमवार को दिनभर कोई काम-काज नहीं हो सका।

- भवन निर्माण, राशन कार्ड, लोक निर्माण, पेंशन शाखा के 43 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल। इनके साथ ही निगम की लेखा, स्थापना, विधि, आवक-जावक शाखा में भी हड़ताल रही।

- कर्मशाला में वाहनों की मरम्मत बंद हो गई। शहर में नए नल कनेक्शन नहीं मिल पाए। जांच पर भी असर रहा। विभाग प्रमुखों के कार्यालय कक्षों से भी लेखा स्टॉफ हड़ताल में शामिल रहा।

फिलहाल इन पर नहीं असर

- जलप्रदाय और शहर में प्रकाश व्यवस्था।

- सफाई एवं घरों से कचरा एकत्रित करना।

- फिल्टर प्लांट व धोलावाड़ से पानी सप्लाई।

- वाहन चालक एवं निगम की तकनीकी शाखा।

विनियमितिकरण मुख्य मांग

यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन एवं स्थानीय सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल ने 7 अक्टूबर 2016 के अनुसार नियमितिकरण से वंचित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के स्थाई कर्मियों को विनियमित करने की योजना लागू की है, लेकिन संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं मप्र भोपाल ने एक पत्र जारी कर इस पर रोक लगा दी है। इसे लेकर निगम यूनियन ने मुख्यमंत्री सहित विभागीय मंत्री व आयुक्त को पत्र भेजा था लेकिन फैसला नहीं होने से हड़ताल हो रही है। सोमवार को यूनियन को मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघु वेतन कर्मचारी संघ, राज्य कर्मचारी संघ, इंटक, सीटू सहित अन्य कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने भी अपना समर्थन दे दिया है।

फैसला जल्द हो

हमने साफ कर दिया है कि जब तक विनियमित करने संबंधी आदेश लागू कर लाभ नहीं दिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। विभाग ने इस पर रोक लगा दी है। हड़ताल का पहला दिन पूरी तरह सफल रहा है। 1200 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे हैं। मंगलवार को प्रांत अध्यक्ष रतलाम आएंगे, बुधवार से अन्य शाखाओं के कर्मचारी भी हड़ताल मेंं शामिल हो जाएंगे।

- दिनेश सोलंकी, अध्यक्ष कर्मचारी यूनियन नगर निगम

बातचीत जारी है

यूनियन के प्रतिनिधियों से सोमवार को उनकी मांग पर चर्चा हुई है, इससे विभाग को अवगत करा दिया है। साथ ही आवश्यक जानकारी भोपाल प्रेषित की गई है। निगम की शाखाओं के कामकाज पर असर हुआ है, लेकिन आवश्यक सेवाएं जारी रही है।

- एसके सिंह, आयुक्त नगर निगम रतलाम

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