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#GST - व्यापारी पर दबाव व टैक्स कम तो बढ़ेगा राजस्व

Updated: IST gst
एक जुलाई से देश में लागू होने वाले जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) को लेकर कारोबारियों में हलचल शुरू हो गई है।

रतलाम। एक जुलाई से देश में लागू होने वाले जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) को लेकर कारोबारियों में हलचल शुरू हो गई है। कर प्रणाली की नई पद्धति को लेकर कारोबारियों में जिज्ञासा बढ़ रही है। इस प्रणाली को समझने के लिए कारोबारी कोशिश में लगे हैं। जो थोड़ा बहुत समझ गए हैं। वे कम्पोजिशन के प्रावधान को लेकर असमंजस में हैं।

देश व परिवार के अर्थव्यवस्था की धुरी सोने-चांदी की जीएसटी में वैट की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत करने से लोगों के जेब पर भार बढेगा। वहीं प्रतिस्पर्धा के इस दौर में ईमानदारी से कार्य करने वाला कारोबारी का टिक पाना मुश्किल होगा। कम टैक्स व प्रक्रिया जितनी सरल व सहज होगी उतना राजस्व बढ़ेगा। इस प्रकार के विचार सराफा कारोबारियों ने पत्रिका से चर्चा करते हुए व्यक्त किए। पत्रिका ने जीएसटी की जानकारी, महत्व व फायदे व हानि के साथ कारोबार के बारे में चर्चा की।

ऐसी व्यवस्था हो की सभी सदुपयोग करें

जीएसटी में जितनी लिखा-पढ़ी, टैक्स व कारोबारियों पर दबाव कम रहेगा, उतना सरकार को राजस्व मिलेगा। जीएसटी में सरकार ने सोना चांदी पर तीन प्रतिशत कर लगाया है। इसे एक प्रतिशत रहने देते तो राजस्व ज्यादा बढ़ता, क्योंकि ये धातु लोगों के बार-बार उपयोग में आती है। ऐसी व्यवस्था हो कि हर व्यक्ति सदुपयोग कर सके।

अनोखीलाल कटारिया, सराफा कारोबारी

समझ में नहीं आया जीएसटी

& सराफा कारोबारियों को अभी जीएसटी पूरी तरह से समझ नहीं आया है। इसके लिए एक कार्यशाला का आयोजन होना चाहिए, सरकार ने टैक्स तो तीन प्रतिशत कर दिया, लेकिन कंपोजिशन के मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके चलते जीएसटी को एक दो माह आगे बढ़ाना चाहिए। कंपोजिशन का लाभ मिलने पर कारोबारियों को लाभ होगा।

- डॉ. राजेंद्र शर्मा, सराफा कारोबारी

कर अदायगी में सरलता होगी

जीएसटी लागू होने से राज्य व केंद्र सरकार के लगने वाले अलग-अलग टैक्स एक ही जगह पर जमा होने से कारोबारियों को विभाग के चक्कर से राहत मिलेगी। कर अदायगी में सरलता होगी। टैक्स की दर बढऩे सेे उपभोक्ता की जेब पर भार बढ़ेगा।

विनोद मूणत, पूर्व अध्यक्ष, रतलाम सराफा एसोसिएशन

होगी परेशानी

जीएसटी में सोना चांदी पर टैक्स की दर में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी करने से उपभोक्ताओं पर एक लाख पर दो हजार का भार बढ़ेगा, वहीं प्रतिस्पर्धा के इस दौर में ईमानदारी से कार्य करने वालों का बाजार में टिक पाना मुश्किल होगा। जीएसटी लागू होने पर शुरुआत में कारोबार पर असर पड़ेगा।

विशाल डांगी, उपाध्यक्ष रतलाम सराफा एसोसिएशन

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