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बजट में मोदी सरकार लाएगी वित्तीय मदद व सस्ते होम लोन की नई स्कीम

Updated: IST housing loan scheme
सरकार आम लोगों के लिए सस्ते होम लोन के साथ घर खरीदने के लिए वित्तीय मदद देने के लिए नई स्कीम की घोषणा कर सकती है। इसमें50लाख रुपए से कम कीमत के घर खरीदने वालों के लिए6से7फीसदी पर लोन की स्कीम लाई जा सकती है।

नई दिल्ली. नोटबंदी से उपजी आम जनता की परेशानी को मरहम लगाने की तैयारी मोदी सरकार अगले आम बजट में करने जा रही है। अगले बजट में सभी को घर देने की स्कीम हाउसिंग फॉर ऑल को मजबूती देने के लिए सरकार नई स्कीम ला सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार सरकार आम लोगों के लिए सस्ते होम लोन के साथ घर खरीदने के लिए वित्तीय मदद देने के लिए नई स्कीम की घोषणा कर सकती है। इसमें 50 लाख रुपए से कम कीमत के घर खरीदने वालों के लिए 6 से 7 फीसदी पर लोन की स्कीम लाई जा सकती है। हालांकि, इस स्कीम में वैसे ही लोगों को लोन मिलेगा, जो पहली दफा घर खरीद रहे होंगे। वहीं, बीपीएल वाले लोगों को घर खरीदने के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराया जाएगा। यह वित्तीय मदद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2 से 5 लाख रुपए तक हो सकती है।

रियल्टी सेक्टर को बूस्ट देने का सरकार पर दवाब

अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद सरकार पर रियल एस्टेट को बूस्ट करने का दवाब बढ़ गया है। ऐसा इसलिए है कि यह दूसरा जॉब देने वाला सबसे बड़ा सेक्टर है। नोटबंदी से इस सेक्टर का सेंटिमेंट बहुत ही खराब हुआ है। ऐसे में अगर स्थिति और खराब हुई तो लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। यह सरकार के लिए बड़ी चुनौती है और सरकार इस बात को भली-भांती समझ भी रही है। इसके देखते हुए बजट में इस सेक्टर को कई तरह की रियायतें मिलनी तय है और घर की खरीदारी बढ़े, इसके लिए होम लोन की दर कम होनी तय है। होम लोन की दर कम होने से ईएमआई का बोझ कम होगा, जिससे मार्केट में तेजी लौटेगी। आने वाला समय रियल्टी सेक्टर के लिए बेहतर होने वाला है।

लोकलुभावना होगा बजट

यूकेएफ फाउंडेशन के मेंबर आशीष पांडे ने बताया कि आने वाला बजट मोदी सरकार के लिए काफी अहम होगा। इस बजट में कई लोक-लुभाने घोषणाओं के साथ आम जनता को कई तरह की रियायतें दी जा सकती हैं। इसमें सस्ते होम लोन के साथ इनकम टैक्स में रियायत की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च के साथ ही बुजुर्गों और गरीबों को भी कई तरह के लाभ दिए जा सकते हैं।

इकोनॉमी में तेजी लाना सरकार की बड़ी चुनौती

अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने बताया कि नोटबंदी से 31 दिसंबर की तिमाही में तो जीडीपी कम होगी, लेकिन 31 मार्च को समाप्त होने वाली तिमाही में इसमें फिर से ग्रोथ देखने को मिलेेगी। ऐसा इसलिए है कि नोटबंदी के बाद पहले जीडीपी गिरती है और बाद में तेज होती है। यह सरकार के लिए चुनौती है, लेकिन इससे आसानी से निपटा जा सकता है। सरकार के पास नोटबंदी से सरप्लस पैसा आने वाला है, जो सरकारी घाटे को कम कर देगा। ऐसे में सरकार उस पैसे को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी। इससे जीडीपी में इजाफा होगा। साथ में गरीब की बेहतरी के लिए भी पैसे खर्च किए जाएंगे।

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