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भोलेनाथ की उपासना से बनेंगे सारे बिगड़े काम

Updated: IST
भोले की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन सोमवार हैं और अगर ऎसे में शिवलिंग की पूजा का विशेष फल मिलता है

सोमवार का दिन शिव भगवान की पूजा का दिन माना जाता है। अगर किसी ने तहे दिल से भगवान शिव की पूजा कर ली तो उसके व्यारे-न्यारे हो जाते हैं। शिव का सबसे प्रिय महीना सावन है। भोले की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन सोमवार हैं और अगर ऎसे में आपने कर ली कुछ खास शिवलिंगों की पूजा तो आप पर बरसेगी महादेव की कृपा।

1. विपत्ति के नाश और मानसिक शांति के लिए ऎसे करें महादेव को खुश

मिटटी का शिवलिंग घर लेकर आएं। थाली या तांबे के पात्र में शिवलिंग की स्थापना करें। धूप दीप नैवेद्य से शिवलिंग की पूजा करें और अखंड दीपक जलाएं, पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

ऊं ह्रौं चं चंद्र मौलेश्वराय सशक्तिकाय नम: मंत्र का जाप करें। फल, फूल, प्रसाद चढ़ाते हुए ऊं नम: शिवाय का मानसिक जाप करें। पूजा के बाद बेलपत्र, पुष्प अवश्य अर्पित करें। पूजा स्थल पर कुमकुम से त्रिशूल की आकृति जरूर बनाएं। राह में आ रही बाधाएं दूर होंगी, मानसिक शांति की प्राप्ति की होगी।

2. पितृ व ग्रह दोषों से मुक्ति पाने के लिए शिव की ऎसे करें अराधना

काले पत्थर का शिवलिंग घर लेकर आएं। धूप दीप नैवेद्य से शिवलिंग की पूजा करें। अखंड दीपक जलाएं, पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

ऊं ह्रौं वं महाकालेश्वराय सशक्तिकाय नम मंत्र का जाप करें। फल, फूल, प्रसाद चढ़ाते हुए ओम शिव ओम हंस: का मानसिक जाप करें। पूजा के बाद आक के पत्ते, पुष्प अवश्य अर्पित करें। पूजा स्थल पर कुमकुम से नंदी की आकृति जरूर बनाएं। ग्रहों के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलेगी और पितृदोष के कारण आ रही समस्याओं का नाश होगा।

3. गृहस्थ एवं दाम्पत्य सुख के लिए शिव की भक्ति

संगमरमर का शिवलिंग घर लेकर आएं। थाली या तांबे के पात्र में शिवलिंग की स्थापना करें। धूप दीप नैवेद्य से शिवलिंग की पूजा करें। अखंड दीपक जलाएं, पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

ऊं वं चंद्रेश्वराय सशक्तिकाय नम: मंत्र का जाप करें। फल, फूल, प्रसाद चढ़ाते हुए ओम रूद्राय नम: का मानसिक जाप करें। पूजा के बाद भस्म, पुष्प अर्पित करें। पूजा स्थल पर कुमकुम से चन्द्रमा की आकृति अवश्य बना लें।

4. शिक्षा में सफलता के लिए ऎसे करें शिव को प्रसन्न

स्फटिक का शिवलिंग घर लेकर आएं। थाली या तांबे के पात्र में शिवलिंग की स्थापना करें। धूप दीप नैवेद्य से शिवलिंग की पूजा करें। अखंड दीपक जलाएं, पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

ऊं ह्रौं वं शिवाय सशक्तिकाय नम: मंत्र का जाप करें। फल, फूल, प्रसाद चढ़ाते हुए ओम नमः शिवाय का मानसिक जाप करें। पूजा के बाद चंदन, पुष्प अवश्य अर्पित करें। पूजा स्थल पर कुमकुम से त्रिपुंड की आकृति जरूर बनाएं। शिक्षा में उन्नत्ति होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी।

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