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आज बन रहे हैं ये शुभ योग, इन कामों को करने से मिलेगी सफलता

Updated: IST 27-03 rashi
चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक शुभ तिथि प्रात: 10.45 तक, तदन्तर अमावस्या तिथि प्रारम्भ हो जाएगी

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक शुभ तिथि प्रात: 10.45 तक, तदन्तर अमावस्या तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी व अमावस्या दोनों ही तिथियों में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। चतुर्दशी तिथि में यथाआवश्यक शस्त्रधारण व युद्धादि कार्य सिद्ध होते हैं। यात्रा वर्ज्य है। अमावस्या में पितृकर्म, दान, स्नानादि कार्य करने योग्य हैं।

नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र अपराह्न 3.20 तक, तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद ‘ध्रुव व ऊर्ध्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में उग्र व साहसिक कार्य, यंत्र-मंत्र-तंत्र सम्बंधी कार्य, पशुपालन, कूपादि खनन और विद्यादि कार्य करने योग्य हैं। यदि समय व तिथि शुभ हो तो उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं।

योग: शुक्ल नामक योग रात्रि 9.24 तक, तदन्तर ब्रह्म नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: आज दोपहर बाद 1.55 से सायं 7.12 तक महापात है। इस पात में स्नान-दान आदि विषयक कार्य करने चाहिए। शुभ कार्य वर्जित हैं। करण: शकुनि नामकरण प्रात: 10.45 तक, इसके बाद चतुष्पद व नागादि करण रहेंगे। जो स्थिर संज्ञक करण हैं, जिनमें श्राद्धादि कार्य करने के ऋषयादेश हैं।

शुभ विक्रम संवत् : 2073

संवत्सर का नाम : सौम्य

शाके संवत् : 1939

हिजरी सन् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : बसन्त

मास : चैत्र। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 7.58 तक अमृत, प्रात: 9.30 से पूर्वाह्न 11.01 तक शुभ तथा दोपहर बाद 2.04 से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.08 से दोपहर 12.56 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: पितृकार्य अमावस्या, पंचक व मेला पिहोवा तीर्थ (हरियाणा में) है। ग्रह उदयास्त: रात्रि 12.45 पर शुक्र पूर्व में उदय होगा। दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिमोत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी।

चंद्रमा: चंद्रमा प्रात: 9.40 तक कुम्भ राशि में, इसके बद मीन राशि में रहेगा। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: बुध का मेष राशि व अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश प्रात: 7.38 पर। राहुकाल: प्रात: 7.30 से प्रात: 9.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (द, दी, दू, थ, झ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: 9.40 तक जन्मे जातकों की राशि कुम्भ व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि मीन है। इनके जन्म का पाया लोह होगा। सामान्यत: ये जातक प्राय: साहसी, धर्मावलम्बी, दीर्घायु, वीर, नगरवासी, राज्य के कार्यों से सम्बंध रखने वाले, ज्ञानी पर उद्विग्न विचारधारा वाले होते हैं। कोई-कोई जातक आलसी भी होता है। क्रूर ग्रह की दशा में केतु, सूर्य व मंगल के अंतर में शत्रुकष्ट और शनि का भय रहता है। कुम्भ राशि वाले जातकों के शुभापेक्षित व लाभ के लिए किये जाने वाले कार्यों में बाधा रहेगी। मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।

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