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आज इन कार्यों के लिए बना सबसे शुभ मुहूर्त, आप भी न चूकें

Updated: IST aaj ki kundli
चतुर्दशी तिथि में शुभ व मंगल कार्य शुभ नहीं होते परन्तु

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि पूर्वाह्न 10.23 तक, तदन्तर पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि में शुभ व मंगल कार्य शुभ नहीं होते। पर अग्निविषादिक असद् कार्य, बंधन व शस्त्रादि दूषित कार्य प्रशस्त हैं। पूर्णिमा तिथि में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, अलंकार, चित्रकारी, प्रतिष्ठा व यज्ञादि कार्य सिद्ध होते हैं।

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नक्षत्र: हस्त 'क्षिप्र व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र अंतरात्रि 3.37 तक, तदुपरान्त चित्रा 'मृदु व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र है। हस्त नक्षत्र में यात्रा, विद्या, विवाहादि, अलंकार, वस्त्र, प्रतिष्ठा सम्बंधी कार्य और चित्रा में शांति, पुष्टता, कारीगरी व वास्तु सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं।

योग: ध्रुव नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: 8.54 तक, तदुपरान्त व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्याघात नामक योग की प्रथम नौ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: शुक्र वक्री दोपहर बाद 2.56 पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेगा। करण: वणिज नामकरण प्रात: 10.23 तक, तदन्तर रात्रि 11.00 बजे तक भद्रा है। भद्रा में शुभ व मांगलिक कार्य यथासंभव वर्जित ही रखने चाहिए।

शुभ विक्रम संवत् : 2074

संवत्सर का नाम : साधारण

शाके संवत् : 1939

हिजरी सन् : 1438

अयन : उत्तरायण

ऋतु : बसन्त

मास : चैत्र। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मंगल कृत्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 7.46 तक अमृत, प्रात: 9.20 से पूर्वाह्न 10.54 तक शुभ तथा दोपहर बाद 2.02 से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.03 से दोपहर 12.53 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज श्री नृसिंह दोलोत्सव, चान्द्र पूर्णिमा व्रत, गुरु हरकिशन पुण्य दिवस (प्रा. मत से), जल संसाधन दिवस तथा भारतीय रेल सप्ताह प्रारम्भ आदि व्रतोत्सव हैं।

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दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि कन्या राशि में रहेगा।

राहुकाल: प्रात: 7.30 से प्रात: 9.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (पू,ष,ण,ठ,पे) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि कन्या तथा जन्म का नक्षत्र पाया चांदी का है, जो अति शुभ है। सामान्यत: ये जातक धनवान, कीर्तिवान, साहसी, सुकार्य करने वाले, विरोधियों से मुकाबला करने वाला, थोड़ा कलहप्रद, क्रोध और व्यसनप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30-32 वर्ष की आयु में होता है। कन्या राशि वाले जातकों को अपने व्यापार-व्यवसाय, कार्यक्षेत्र में बहुत अच्छा लाभ होगा। नौकरीपेशा वाले जातकों को यश-मान-सम्मान प्राप्त होगा।

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