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फर्जी दस्तावेज जारी करने वाला जालसाज वेंडर गिरफ्तार, 4 नग खसरा एवं 1 नग नक्शा जब्त

Updated: IST Vendor arrested
खसरा व नक्शा सहित 5 फर्जी राजस्व दस्तावेज बरामद, एसडीएम के निर्देश पर सेमरिया पुलिस ने की कार्रवाई।

रीवा। सेमरिया तहसील के बाबू एवं लोकसेवा केन्द्र के पीआरओ के हस्ताक्षर कर फर्जी दस्तावेज जारी करने वाले वेंडर को पकड़ा गया है। उसके पास से खसरा व नक्शा सहित 5 फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। वेंडर को एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार सेमरिया तहसील प्रांगण में वेंडर राजू साकेत स्टाम्प की बिक्री करता था।

वह किसानों से खसरा, खतौनी एवं नक्शा तुरंत जारी करवाने के लिए 1000 से लेकर 1500 रुपए लेता था और उपरोक्त प्रमाण पत्र जारी भी करा देता था। इसकी जानकारी तहसील के बाबू दमोदर शर्मा एवं लोक सेवा केन्द्र के प्रबंधक विवेक भूषण गौतम हुई तो वे वेंडर के पास पहुंचे और जांच की तो उसके पास से 4 नग खसरा एवं 1 नग नक्शा जब्त किया गया, जो फर्जी पाए गए।

रिकॉर्ड फर्जी हैं, उनमें उनके हस्ताक्षर नहीं

इसकी सूचना एसडीएम को देने पर उनके निर्देश पर पुलिस ने वेंडर को गिरफ्तार कर लिया है। तहसील के बाबू शर्मा ने बताया कि रिकॉर्ड फर्जी हैं, उनमें उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। वहीं केन्द्र के पीआरओ मनभरण तिवारी ने कहा कि जो नकल बरामद की गई है वे दायरा पंजी में दर्ज नहीं हैं और जब्त रिकॉर्ड में उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।

चोरी हो गई थी सील व कम्प्यूटर

ज्ञात हो कि लगभग लगभग दो वर्ष पहले तहसील प्रांगण में संचालित लोक सेवा केन्द्र से 3 कम्प्यूटर, 3 सीपीयू एवं तहसील कार्यालय का कम्प्यूटर सिस्टम सहित कार्यालय की सील चोरी हुई थी। साथ ही 10 हजार कीमत के रेवन्यू टिकट भी चोर ले गए थे। जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। संभावना जताई जा रही है कि उसी का उपयोग तो इस फर्जीवाड़े में नहीं किया जा रहा था।

इनके नाम से बनाए जाली खसरे

वेंडर ने जिस नंबर से खसरा व नक्शा जारी कराया था जब लोक सेवा केन्द्र की दायरा पंजी से उनका मिलान किया गया तो आवेदन क्र. 1626 से 1630 में क्रमश: हरविलास गुप्ता बम्हनी अजमेर, कमलेश प्रसाद एवं राकेश कुमार ग्राम सपहा, कमलेश कुमार सकरजिमा एवं राजेन्द्र सिंह हरदुआ का नाम दर्ज था।

वेंडर काफी समय से कर रहा था गोरखधंधा

जबकि जब्त सभी नकल इसी नम्बर क्र. के रामलखन पिता रघुनाथ प्रसाद, रामविश्वास पिता रघुनाथ प्रसाद, ऋषिकेश पिता रघुनाथ प्रसाद ग्राम कंजी एवं ग्राम खड्डा के नाम से जारी किए गए हैं। जिससे यह साफ हो गया कि यह गोरखधंधा वेंडर द्वारा काफी समय से चलाया जा रहा था।

मामला संज्ञान में आया है, जिसमें खसरा, खतौनी एवं नक्शा आदि दस्तावेज शासकीय कर्मचारी के फर्जी हस्ताक्षर से जारी होते थे। प्रकरण पुलिस को सौंपा गया है और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

एके सिंह, एसडीएम सिरमौर

फर्जी दस्तावेज मामले में वेंडर राजू साकेत को पकड़ा गया है। उसके पास फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं और पूछताछ की जा रही है। जो भी इस जालसाजी में शामिल होगा उसके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

अजय सोनी, थाना प्रभारी सिरमौर

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