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Photo Icon प्रधानमंत्री जनधन खातों में हुई धनवर्षा

Updated: IST rewa news
डेढ़ हजार से अधिक खातों की आरबीआई दी गईजानकारी, बैंकों में खोले गए खातों का बैलेंस पिछले कई महीनों से भले ही न ही के बराबर रहा हो। लेकिन नोट बंदी के बाद इन खातों में जमकर धनवर्षा हुई है। ज्यादातर जनधन योजना के बैंक खातों में कुछ न कुछ धन राशि जमा हुई है। इनमें से करीब डेढ़ हजार की संख्या में ऐसे बैंक खाते हैं, जिसने बैंक अधिकारियों को चौंका दिया है।

रीवा प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंकों में खोले गए खातों का बैलेंस पिछले कई महीनों से भले ही न ही के बराबर रहा हो। लेकिन नोट बंदी के बाद इन खातों में जमकर धनवर्षा हुई है। ज्यादातर जनधन योजना के बैंक खातों में कुछ न कुछ धन राशि जमा हुई है। इनमें से करीब डेढ़ हजार की संख्या में ऐसे बैंक खाते हैं, जिसने बैंक अधिकारियों को चौंका दिया है।

बैंक के सूत्रों की माने तो जनधन योजना के करीब डेढ़ हजार खातों में निर्धारित अधिकतम धनराशि से चार गुना तक राशि जमा की गई है।

अधिकतम पांच सौ रुपए के बैलेंस वाले खातों में नोट बंदी के बाद दो लाख रुपए तक जमा होने से बैंक अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि इन खातों में अधिकतम 50 हजार रुपए जमा किए जा सकते हैं।सूत्रों की माने तो इन खातों की जानकारी आरबीआई को भेजी गई है। ज्यादातर खातों में नवंबर के तीसरे सप्ताह में बैलेंस जमा हुए हैं।

यहां जनधन के 1.35 लाख खाते

नोट बंदी के बाद यहां जनधन के 1.35 लाख खातों में ज्यादातर बैंक खातों में बैलेंस डाला गया है। इन खातों में 5 हजार से दो लाख रुपए तक के बैलेंस डाले गए हैं। यह बात और है कि अभी भी ऐसे खातों की संख्या 50 फीसदी के करीब है, जो पहले की तरह न्यूनतम बैलेंस पर है। खातों में अचानक से आई अधिक रकम खातों को दूसरे के द्वारा प्रयोग किए जाने की संभावना बयां कर रहे हैं।

अधिकारी दे रहे गोपनीयता का हवाला

जनधन योजना के खातों में अचानक से भारी रकम जमा की गईहै। इस बारे में बैंक अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। लीड बैंक प्रबंधक सुभाष पंजीयारा ने भी मामले को सीक्रेट बताते हुए कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।उन्होंने कहा कि बैंकों की यह सब जानकारी गोपनीय होती हैं। इनके बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है।है।

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