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बैंक की नौकरी छोड़कर आया था घर, मां ने कहा-चिंता मत करो बनोगे अफसर

Updated: IST mppse result
सतना के संदीप डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित, डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होने के बाद उन्होंने कहा है कि मां के आशीर्वाद से यह उपलब्धि मिली है।

रीवा। पीएससी 2015 में सफलता पाने के बाद संदीप सिंह ने पूरा श्रेय परिवार को दिया है। डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होने के बाद उन्होंने कहा है कि मां के आशीर्वाद से यह उपलब्धि मिली है। शहर के नजदीक इटहा गांव के रहने वाले सुभाष सिंह के पुत्र संदीप ने बताया कि इंदौर से स्नातक के बाद बरकतउल्ला युनिवर्सिटी भोपाल से एमबीए कर मुंबई में बैंक की नौकरी कर रहे थे।

इसी बीच मां की तबियत खराब हो गई, उनके पास रहना आवश्यक था। इस कारण नौकरी छोड़ घर लौट आया और उनके उपचार पर पूरा ध्यान दिया। साथ ही पीएससी की तैयारी भी कर रहा था। इसके पहले दो बार परीक्षा में बैठे लेकिन सफलता नहीं मिली।

इस बार मां ने कहा था कि सफलता मिलेगी। इसे वह मां का आशीर्वाद मानते हैं। वर्ष 2009 में शादी होने के बाद पत्नी सहित परिवार के दायित्व भी बढ़े लेकिन पढ़ाई में पूरा ध्यान दिया। उन्होंने सोचा नहीं था कि राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन होगा। वह बैंकिंग सेक्टर में ही भविष्य बनाना चाह रहे थे। इस सफलता पर शिवेन्द्र सिंह, मदन सिंह, प्रदीप सिंह, सोनू सिंह आदि ने बधाई दी।

रीवा: पापा की प्रेरणा से हासिल किया मुकाम

पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पदस्थ सतानंद शुक्ला की बेटी नम्रता ने पीएससी परीक्षा में चयनित होकर परिवार सहित जिले का नाम रोशन किया है। नम्रता का चयन बाल विकास परियोजना अधिकारी के रूप में हुआ है। नम्रता ने हायर सेकेण्डरी निराला व जेएनसिटी कालेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंदौर में पीएससी की तैयारी की।

सतना: उमेश का लेखा अधिकारी में चयन

उमेश प्रजापति का चयन लेखा अधिकारी राज्य वित्त सेवा के लिए हुआ है। इस सफलता का पूरा श्रेय उमेश ने अपने माता-पिता एवं परिवार के लोगों को दिया है। कहा कि बचपन से ही लक्ष्य निर्धारित कर दिया था कि पीएससी की तैयारी करूंगा। इनके चयन पर माता पिता के साथ गुरूजनों से प्रसन्नता जाहिर की है। एक छोटे से शहर से निकलकर राज्य वित्त सेवा में चयन हुआ है।

रीवा: रवि द्विवेदी का डिप्टी कमिश्नर के पद पर चयन

सरकारी नौकरी में रहते हुए तमरा गांव के रवि द्विवेदी का चयन मध्यप्रदेश लोक सेवा परीक्षा 2015 में हुआ है। वह डिप्टी कमिश्नर सहकारिता के पद के लिए चुने गए हैं। मुकुंदपुर मार्ग में स्थित तमरा के रवि इनदिनों जबलपुर में आबकारी उपनिरीक्षक के पद पर काम कर रहे हैं। इस चयन पर उमाशंकर द्विवेदी, केके पांडेय, अखिलेश पांडेय, विजय शंकर द्विवेदी आदि ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

सतना: कोषालय अधिकारी के लिए चयन

सतना के रैगांव विस के धनखेर निवासी आशुतोष सिंह भदौरिया 2014 में एआरटीओ पद के लिए चयनित हो चुके हैं। अब उनका चयन जिला कोषालय अधिकारी के रूप में हुआ है। आशुतोष ने बताया कि वह अपनी तैयारी के लिए प्रतिदिन 6 से 7 घंटे देते हैं। कोचिंग में बच्चों को भी पढ़ाते हैं। आशुतोष ने कहा, मेरी इस सफलता का श्रेय पिता गोविंद सिंह, माता अर्चना सिंह एवं गुरु शरद त्रिपाठी व मनीष त्रिपाठी को जाता है।

सतना: कड़ी मेहनत की जरूरत: अमित वर्मा

आदर्श नगर निवासी अमित वर्मा ने कहा, परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए धैर्य, समर्पण, कड़ी मेहनत की आवश्यकता है। 2014 में बीडीओ पद के लिए चयनित हुआ था। 2015 में सहायक संचालक वित्त के लिए चयनित हुआ। मुझे तैयारी की प्रेरणा पिता स्व. सुरेश कुमार वर्मा से मिली थी। वर्तमान में जबलपुर में आबकारी उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता काश्रेय अपनी माता रजनी वर्मा एवं परिजनों को दिया है।

सतना: प्रथम प्रयास में बने नायब तहसीलदार

उदित मिश्रा का चयन प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के लिए हुआ है। उदित ने बताया कि अपने बड़े भाई से प्रेरित होकर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी की। उदित ने अपनी इस सफलता का श्रेय पिता पं. रविशंकर मिश्रा, माता उर्मिला मिश्रा एवं बड़़े भाई को दिया है।

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