Patrika Hindi News

आचार्य विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने उमड रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

Updated: IST Acharya Vidyasagar chef for a glimpse of the upsur
22 साल की उम्र में दीक्षा लेकर दुनिया को सत्य-अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आचार्य विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने लाखों लोग मीलों पैदल दौड़ पड़ते हैं। वे अकेले ऐसे संत हैं जिनके जीवन पर छात्रों ने लगभग 55 पीएचडी की हैं। इसके साथ एमफिल और एमएड की उपाधि ली है।

सागर. 22 साल की उम्र में दीक्षा लेकर दुनिया को सत्य-अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले आचार्य विद्यासागर महाराज की एक झलक पाने लाखों लोग मीलों पैदल दौड़ पड़ते हैं। वे अकेले ऐसे संत हैं जिनके जीवन पर छात्रों ने लगभग 55 पीएचडी की हैं। इसके साथ एमफिल और एमएड की उपाधि ली है। खास बात यह है पीएचडी करने वाले छात्र जैन समाज के अलावा दूसरे भी हैं।

मूकमाटी ग्रंथ को बनाया आधार
आचार्यश्री ने मूकमाटी ग्रंथ की रचना की है। उन्होंने माटी को अपने महाकाव्य का विषय बनाया और मूक माटी नाम से एक खंडकाव्य की रचना की है। भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित उनकी यह पुस्तक बहुत लोकप्रिय है। इसे कई छात्र अपने शोध के लिए बतौर संदर्भ उपयोग में ला रहे हैं। उनकी अन्य रचनाएं नर्मदा का नरम कंकर, डूबो मत लगाओ डुबकी आदि हैं। वे जैन दर्शन पर कई पुस्तकें लिखने के साथ ही कविता लेखन भी करते हैं। विभिन्न संस्थानों में यह स्नातकोत्तर के हिन्दी पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाता है। ब्रह्मचारी भरत भैया कहते हैं आचार्यश्री के जीवन पर लगभग 55 पीएचडी अब तक हो चुकी हैं। जिसने भी शोध किया, उन्हें यही लगा मानो अभी आचार्यश्री को समझना और बाकी रह गया है, कुछ और है जिसे समझा जाना है।
ये कर रहे हैं शोध
डीलिट्
* मूकमाटी : चेतना के स्वर डॉ. भागचंद्र जैन
* महामनीषी आचार्यश्री विद्यासागर : डॉ.विमलकुमार जैन
पीएचडी
*संस्कृत शतक परम्परा और आचार्यश्री के शतक डॉ. आशालता मलैया
*संस्कृत काव्य के विकास में 20वीं शदी में जैन डॉ. नरेन्द्रसिंह राजपूत
मुनियों का योगदान
*हिन्दी साहित्य की संत काव्य परम्परा के परिप्रेक्ष्य में आचार्य विद्यासागर के कृतित्व का अनुशीलन - डॉ. बारेलाल जैन
*जैन दर्शन के संदर्भ में मुनि विद्यासागर के - डॉ. किरण जैन
एमएड
*आचार्यश्री के व्यक्तित्व एवं शैक्षिक विचारों का अध्यन - सारिका जैन
*कृति मूकमाटी का अनुशीलन - प्रतिभा जैन, कल्पना जैन, रमेशचन्द्र मिश्रा, नरेशचंद्र गोयल, आदित्य कुमार वर्मा
एमफिल
*मूकमाटी महाकाव्य में रसो एवं बिम्बो का अनुशीलन - डॉ. संजयकुमार मिश्र
*आचार्यश्री के काव्यों का अनुशीलन - कृष्णा पटैल
*पच्चसवीं का साहित्य का मूल्यांकन - सुशीला यादव
*आचार्यश्री के दोहा-दोहन एक अनुशीलन- सुनीता देवी मिश्र
*चेतना गहराव में आचार्यश्री का काव्य चिंतन - विभा तिवारी
*आचार्यश्री के काव्य में राष्ट्रीय चेतना - प्रियंका बौध्द
*आचार्यश्री की अनूदिक
*रचनाओं का अनुशीलन - संजयकुमार
साहित्य का अनुशीलन
*आचार्य विद्यासागर व्यक्तिव एवं काव्यकला - डॉ. माया जैन
*आचार्य विद्यासागरकृत मूकमाटी का सांस्कृति अनुशीलन - डॉ. चंद्रकुमार जैन
*जैन विषय वस्तु के संबध्द आधुनिक महाकाव्यों में सामाजिक चेतना - डॉ. सुशीला सालगिया
*कामायनी और मूकमाटी महाकाव्य का काव्यशास्त्रीय अध्यन - डॉ. संजय कुमार मिश्र
*आचार्यश्री विद्यासागर की लोक दृष्टि - डॉ. सुनिता दुबे
*मूकमाटी का शैलीपरक अनुशीलन डॉ. मीना जैन
*हिन्दी महाकाव्य परम्परा में मूकमाटी का अनुशीलन - डॉ. मीना जैन
*आचार्य विद्यासागर के साहित्य में जीवन मूल्य - निधि गुप्ता
*संत कवि आचार्यविद्यासाग की साहित्य साधना - डॉ. राजश्री जैन
*आचार्यविद्यासागर के शैक्षिक विकास - डॉ. सपना जैन
*भक्तिकाव्य के मूल्य और आचार्यविद्यासागर का काव्य - डॉ. शीलिनी गुप्ता
*आचार्यश्री के साहित्य एवं भगवद् गीता तुलनात्मक अध्यन - डॉ. सुधीरकुमार जैन
*हिन्दी काव्य के विकास में आचार्यश्री का योगदान - डॉ. प्रशांत कुमार जैन
*आचार्यश्री पर केंद्रित प्रमुख शोधग्रंथो का अनुशीलन - डॉ. रामशंकर दीक्षित
*आचार्यश्री का दार्शनिक चिंतन - डॉ. साधना सेठी
*मूकमाटी के लोकोपयोगी विचार - डॉ. सुदाणी

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???