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केंद्रीय विवि की लाइब्रेरी में पकड़ी बिजली चोरी, लाखों की हो सकती है रिकवरी

Updated: IST
एसई के निर्देश पर एई द्वारा की गई जांच में हुआ खुलासा

सागर. बिजली कंपनी के अधिकारियों ने मंगलवार को डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कई विभागों में लोड की जांच की है। अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर फीडर इंचार्ज एई द्वारा की गई जांच में पुष्टि हुई है कि विवि के चार विभागों में स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा है। लाइब्रेरी, बायोटेक्नॉलाजी, फिजिक्स, डिस्टेंस एजुकेशन सहित अन्य विभागों में जांच की गई थी। कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार बढ़े हुए लोड को लेकर विवि प्रशासन से लाखों रुपए की पेनाल्टी वसूली जा सकती है। बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता जीडी त्रिपाठी का कहना था कि बड़े संस्थानों में समय-समय पर लोड की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत मंगलवार को विवि में जांच के आदेश दिए थे, जहां लोड ज्यादा मिला है। जो भी पेनाल्टी होगी, वह वसूली जाएगी। एेसे मामलों में कोई प्रकरण नहीं बनाया जाता है।

दूसरी बार चोरी करते पकड़ाए
सदर क्षेत्र के नामचीन लोगों में शामिल पंकज पिता राजकुमार मुखारया के घर पर बिजली कंपनी ने दूसरी बार चोरी पकड़ी है। कंपनी की विजलेंस टीम व अन्य अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि मुखारया के घर में मीटर से वायपास करके एक तार डालकर घर में चोरी की बिजली से तीन एसी चलाए जा रहे थे। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले इनके घर पर चोरी पकड़ी ही जा चुकी है। इसके अलावा इनके द्वारा संचालित स्कूल में भी क्षमता से अधिक भार मिलने पर बिजली कंपनी कार्रवाई कर चुकी है। चोरी की सूचना मिलने पर कंपनी के अधीक्षण अभियंता जीडी त्रिपाठी, विजलेंस के कार्यपालन अभियंता पंकज शुक्ला, नगर संभाग के सहायक अभियंता एमएस चंदेल, सदर फीडर इंचार्ज शुभम त्यागी ने यह कार्रवाई की है। एसई त्रिपाठी ने बताया कि मुखारया के घर चूंकि दूसरी बार चोरी पकड़ी गई है, इसलिए इस बार एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बिजली कंपनी ने मौके पर ही पंचनामा तैयार करके बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही तुरंत घर की बिजली सप्लाई भी काट दी गई है। कंपनी पाए गए लोड की जांच कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि लाखों रुपए की रिकवरी निकल सकती है।

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