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पृथक बुंदेलखंड का मुद्दा गरमाया, उमा बोली- 'मैं अलग राज्य की पक्षधर'

Updated: IST up election effects, Uma bharti, Bundelkhand as Se
बीते मंगलवार को छतरपुर-टीकमगढ़-खजुराहो रेलवे लाइन के उद्घाटन अवसर पर टीकमगढ़ पहुंची भारती ने कहा कि वे भी पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन अकेले उनके चाहने से कुछ नहीं होगा।

सागर(टीकमगढ़).लंबे समय से चल रही पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को एक बार फिर केंद्रीय मंत्री व मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने यह कहकर कि वे पृथक बुदेंलखंड के पक्ष में हैं हवा दे दी है। सुश्री भारती के इस बयान से पृथक बुंदेलखंड का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।

बीते मंगलवार को छतरपुर-टीकमगढ़-खजुराहो रेलवे लाइन के उद्घाटन अवसर पर टीकमगढ़ पहुंची भारती ने कहा कि वे भी पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन अकेले उनके चाहने से कुछ नहीं होगा। मप्र और उप्र के जिलों को मिलाकर बुंदेलखंड बनाया जाना है। इसके लिए दोनों राज्यों की सहमति जरूरी है।

यूपी के सात व मप्र के छह जिलों को मिलाकर बनना है बुंदेलखंड
गौरतलब है कि पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग एक अरसे से की जा रही है। गांधीवादी नेता और मशहूर गीतकार विट्ठल भाई पटेल, अभिनेता राजा बुंदेला व यूपी के बुंदेलखंड के नेताओं ने इस मांग को पूर्व में कई मंचों पर उठाया था। यहां बता दें कि उप्र के सात जिले व मप्र के छह जिलों को मिलाकर पृथक बुंदेलखंड का मसौदा तैयार किया गया है। हालाकि इस मामले में मप्र के बुंदेलखंड के अधिकांश लोग सहमत नहीं हैं।

स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उमा भारती ने विकास सेना के लोगों से कहा कि वे अपना आंदोलन तेज करें, ताकि दोनों प्रदेशों की सरकारें और केंद्र सरकार इस पर विचार करे। पूरा मामला केंद्र और राज्य पर डालने के बाद वे टीकमगढ़ रवाना हो गईं। विकास सेना के कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकसभा चुनाव के दौरान उमा भारती ने पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाए जाने का चुनावी वादा किया था। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए।

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एक ही ट्रेन को दो बार हरी झंडी दिखाई
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ललितपुर रेलवे स्टेशन पर खजुराहो पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वही ट्रेन है, जिसे 26 अप्रैल 2013 में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने ललितपुर में ही हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। हालांकि इस बार ट्रेन की पट्टी बदल दी गई है।

पहले ट्रेन में ललितपुर- टीकमगढ़ के नाम की पट्टी लगी थी। अब इसका नाम ललितपुर-टीकमगढ़-खजुराहो कर दिया गया है। कांग्रेस ने मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। झांसी मंडल रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य विकास यादव का कहना है कि एक ही ट्रेन को दो बार झंडी दिखाना पूरी तरह गलत है।

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