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-2 डिग्री तापमान में भी नंंगे पांव पहुंचे मांं के भक्त

Updated: IST maa shakumbhari devi
इस सिद्धपीठ पर हाेती हैं मनाेकमान पूरी, इस तरह से मनाया गया जन्मदिन

सहारनपुर। मान्यता है कि सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियाें के पास स्थित सिद्धपीठ श्री शाकुंभरी देवी मंदिर में जाे काेई श्रद्धालु मन से मुराद लेकर आता है, वह कभी निराश नहीं लाैटता है। यही कारण है कि यहां दुनियाभर से श्रद्धालु शीश नवाने के लिए पहुंचते हैं।

सहारनपुर में इस बार ठंड ने एक दशक का रिकाॅॅर्ड ताेड़ दिया है। बुधवार अब तक का सबसे ठंडा दिन बीता आैर हालात यह हाे गए हैं कि शाकम्भरी सिद्धपीठ की पहाड़ियाें पर जैसे बर्फ जम गई। बावजूद इसके श्रद्धा के सामने यह ठंड भी सिकुड़ती नजर आई। माता के दरबार में श्रद्धालु नंगे पांव चलकर आए आैर माता के जागराते में रातभर भक्तिरस में डूबे रहे। यह नजारा देख भक्त एक दूसरे काे यही कहते दिखे कि यह माता का आशीर्वाद ही है कि, वह माईनस दाे डिग्री (-2) तापमान में भी ठंड नहीं मान रहे आैर पूरी भक्ति से भजनाें में विलीन हैं।

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धूमधाम से मनाया गया जन्‍मदिन

गुरुवार काे सिद्धपीठ का नाजरा देखते ही बन रहा था। यहां सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी जंयती पर्व पूरी श्रद्धा आैर उल्लास के साथ मनाया गया। यहां श्री शंकराचार्य आश्रम में चले रहे सात दिवसीय सहस्त्र चण्डी महायज्ञ में बुधवार काे पूर्णाहूति दी गई आैर इसके बाद माता शाकुंभरी को 36 व्यंजन एवं 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए।

महायज्ञ में विशेष पूजा अर्चना के बाद दी गई पूर्णाहूति
गुरुवार को माता शाकुंभरी जयंती पर सिद्धपीठ श्री शाकुंभरी देवी मंदिर श्रद्धा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने घंटों लाइनों में लगने के बाद माता शाकुंभरी देवी के दर्शन किए और मनोकामनाएं मांगी। मंदिर परिक्षेत्र में स्थित श्री शंकराचार्य आश्रम में चल रहे सात दिवसीय सहस्त्र चंंडी महायज्ञ में विशेष पूजा अर्चना के बाद पूर्णाहूति दी गई। इसमें श्रद्धालुओं एवं साधु संतों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद श्री शंकराचार्य आश्रम के व्यवस्थापक मंहत सहजनानंद ब्रहमचारी जी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एवं साधू-संत संयुक्त रूप से मां शाकुंभरी देवी को 36 व्यंजन एवं 56 भोग अर्पण करने के लिए मुख्य मंदिर पहुंचें। जहां विशेष पूजा अर्चना के साथ शाकुंभरी देवी को 36 व्यंजन एवं 56 भोग अर्पित किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए गगनभेदी जयकारों से परिक्षेत्र गुंजायमान हो गया। माता के भजनों एवं ढोल की थाप पर श्रद्धालु जमकर थिरके। भक्ताें की अपार श्रद्धा आैर प्रेम से पूरा वातावरण ही भक्तिमय हाे उठा।

कड़ाके की ठंड में नंगे पाव पहुंचे श्रद्धालु

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