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Collector ने कहा- महिलाओं की सुरक्षा और Respect के लिए हर घर में Toilet जरूरी

Updated: IST collector meeting
महिला बाल विकास विभाग की बैठक में कलक्टर ने दिए कई दिशा-निर्देश, स्वच्छ भारत मिशन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने कहा

अंबिकापुर. शहरों एवं गांवों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शौचालय उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में महिलाओं को खुले में शौच के लिए असुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है तथा लोक-लज्जा की दृष्टि से भी विषम स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

ये बातें कलक्टर भीम सिंह ने मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक में कही। कलक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ग्रामीणों को शौचालय निर्माण हेतु सतत रूप से प्ररित करने कहा है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को शौचालय के निर्माण एवं उपयोगिता का महत्व समझाते हुए गांव को ओडीएफ बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। बैठक में सीएमएचओ डॉ. एन.के. पाण्डेय, कार्यक्रम अधिकारी निशा मिश्रा, महिला बाल विकास अधिकारी आभा गुरूद्वान, पीएमआरडीएफ अर्पित अस्थाना, सीडीपीओ, सुपरवाईजर्स एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सभी बच्चों की जांच जरूरी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत बच्चों का स्वास्थ जांच कर आवश्यकतानुसार उपचार किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत चिकित्सा दल द्वारा सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं विद्यालयों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य जांच किया गया, किन्तु अनुपस्थित बच्चों का स्वास्थ्य जांच नहीं हो पाने के कारण कलेक्टर ने बाल संदर्भ योजना के तहत शिविर लगाकर छूटे हुए बच्चों का स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सीएमएचओ डॉ. एनके पांडेय, नोडल अधिकारी डॉ. अमीन फिरदोसी एवं कार्यक्रम अधिकारी निशा मिश्रा को शिविर आयोजन हेतु स्थल का निर्धारण कर परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर, शिक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सूचित करने तथा शिविर की निर्धारित तिथि को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिशिचत कराने कहा है।

बच्चे है अनमोल

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में अध्ययनरत सभी बच्चों के पोषण का नियमित रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सामान्य बच्चे के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हुए यह देखना होगा कि किन्हीं करणों से वह कुपोषण का षिकार न हो। इसी प्रकार कुपोषित बच्चों को नियमित रूप से ताजा दूध एवं पोषण आहार उपलब्ध कराते हुए सामान्य स्तर पर लाने का प्रयास करना होगा।

उन्होंने अंबिकापुर एवं सीतापुर में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के सभी बेड को हमेशा भरा हुआ रखने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि एनआरसी में ले जाने से पहले संबंधित क्षेत्र के एएनएम से भी बच्चे के पोषण स्तर की जांच कराएं ताकि उन्हें एनआरसी केन्द्र से वापस न भेजा जाए। कलेक्टर ने कहा कि बच्चे अनमोल है, हमे उनके स्वास्थ्य का निरंतर ध्यान रखना होगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर ने कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिये जाने वाले रेडी-टू-ईट, गर्म भोजन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय आदि का सही समय पर भुगतान कराएं। उन्होंने बताया कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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