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जमीन पर रेंगती मौत से बचाने अस्पतालों में हैं पर्याप्त ASV, रेफर करने से जा रही जान

Updated: IST anti snake venom
पिछले 10 दिनों में सांप डसने से 9 लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों से हायर सेंटर के लिए कर दिया गया है रेफर, समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण हो चुकी है मौत

अंबिकापुर. बारिश का मौसम आते ही जमीन पर मौत बनकर सांप रेंगने लगे हैं। इनके डसने से पिछले कुछ दिनों में कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने के बावजूद सर्पदंश पीडि़त मरीजों को तत्काल डाक्टरों द्वारा इंजेक्शन लगाने की जगह मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर ड्यूटी से खानापूर्ति कर ली जा रही है। समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों काफी संख्या में सर्पदंश के पीडि़त पहुंच रहे हैं। अधिकांश पीडि़त प्राइमरी हेल्थ सेंटर से रेफर किए हुए हैं। अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो जाने पर उनके शरीर में जहर फैल जाने से उनका उपचार नहीं हो पा रहा है और उनकी मौत हो जा रही है। पिछले 10 दिनों में 9 सर्पदंश पीडि़तों की जान जा चुकी है।

सर्पदंश से मरीजों की जान जाने के संबंध में हमेशा या तो जागरुकता का अभाव बता दिया जाता है, या फिर देर से इलाज शुरु होना एक प्रमुख कारण डॉक्टरों द्वारा बताया जाता है। लेकिन हकीकत में सर्पदंश से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की जान समय पर इलाज शुरु न हो पाने की वजह से जा रही है। सीजीएमसीसी के अनुसार वेयर हाउस में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है।

इसके साथ ही वेयर हाउस में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य केंद्र व ब्लॉकों में स्थित अस्पतालों के मांग के अनुसार समय-समय पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में भी जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन इसके बावजूद डाक्टरों द्वारा मरीजों को समय पर इलाज न कर सिर्फ रेफर करने का काम किया जा रहा है।

हायर सेंटर तक पहुंचते हो जाती है देर

सर्पदंश के मरीज अपने नजदीकी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो पहुंच जाते हैं लेकिन वहां उन्हें तत्काल एंटी स्नेक वेनम नहीं लगाया जाता है। बल्कि उनकी हालत देखते ही डॉक्टरों द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस मिलने व अस्पताल पहुंचने के दौरान काफी समय बीत जाता है तब तक पीडि़त के शरीर में जहर पूरी तरह से फैल चुका होता है। यहां के डॉक्टरों द्वारा जब तक उसका इलाज शुरू किया जाता है वह दम तोड़ देता है।

जागरुकता से हो सकता है बचाव

एंटी स्नेक वेनम सभी जगहों पर उपलब्ध होने के बावजूद कई बार मरीज देर से वहां पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश अनुसार सर्पदंश के बाद पहला डोज लगा कर ही हायर सेंटर भेजा जाना चाहिए। अधिकांश जगहों पर ऐसा किया भी जाता है। यदि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंच एंटी स्नेक वेनम लगाने की मांग करें तो उनकी जान बच सकती है।

12 हजार 780 एम्पुल हैं उपलब्ध

सीजीएमएससी के वेयर हाउस में इस समय एंटी स्नेक वेनम 12 हजार 780 की संख्या में उपलब्ध है। वेयर हाउस में जिले के अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य केंद्र से जो भी मांग की जाती है उसके अनुसार उन्हें तत्काल एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया जाता है।

विशेष मांग पर तत्काल उपलब्ध कराया जाता है वेनम

सीजीएमएससी व जिला चिकित्सालय के स्टोर रूम द्वारा जिले में 2 दिन सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मांगों के आधार पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन अगर कहीं कमी होती है तो वहां विशेष मांग पर स्वयं के वाहन से तत्काल एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया जाता है।

उपलब्ध एंटी स्नेक वेनम

मेडिकल कॉलेज 1800 एम्पूल

नवापारा स्वास्थ्य केंद्र 20

बरगीडीह 10

बतौली 50

सुखरी 05

खम्हरिया 50

घुटरापारा 20

फुन्दुडिहारी 15

लुण्ड्रा 20

सलका 10

सभी केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टाक है। जब भी सर्पदंश का मरीज कहीं पहुंचता है तो उसे पहला डोज लगाने के बाद ही हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया जाना है। कई बार अस्पताल पहुंचने में काफी देरी हो जाती है। इससे भी लोगों की जान जा सकती है। पहला डोज लगने के बाद जितना जल्दी सर्पदंश पीडि़त अस्पताल पहुंच जाएगा, उतनी उसकी इलाज की सफलता निर्भर करती है।

डा. एनके पांडेय, सीएमएचओ

सीजीएमएससी को सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पतालों से डिमांड प्राप्त होता है। उसके अनुसार एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया जाता है। वर्तमान में सभी जगहों पर उनके डिमांड के अनुसार एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिए गए हैं। कहीं भी एंटी स्नेक वेनम की कमी नहीं है।

मो. वसीम, एसिटेंट मैनेजर, वेयर हाउस सीजीएमएससी

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