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ऐसा क्या हुआ कि 16 राज्य के 80 सीनियर Officer's को आना पड़ा Ambikapur

Updated: IST officers of 16 state
अंबिकापुर के कचरा प्रबंधन को देखने पहुंचे देश भर से आए अफसर बोले-हम भी इस मॉडल को अपने शहर में करेंगे लागू, नगर निगम के ठोस एवं अपशिष्ट तरल प्रबंधन को सराहा

अंबिकापुर. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंगलवार को 'स्वच्छ और साफ गांव' विषय के तहत देश के 16 राज्यों के 80 वरिष्ठ अधिकारी नगर निगम द्वारा ठोस एवं अपशिष्ट तरल प्रबंधन के तहत किए जा रहे कार्य को जानने शहर पहुंचे। इस दौरान अधिकारी कचरा प्रबंधन को जानने एसएलआरएम सेंटर जाकर वहां समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्होंने कार्यरत महिलाओं की समस्याओं को जानने का प्रयास तक नहीं किया।

अंबिकापुर पहुंचने वाले अधिकारियों में केरल की आईएएस मृनमई जोशी, राष्ट्रीय मैनेजमेंट मिशन यूनिट दिल्ली से केपी राजेन्द्रन, ईशा प्रसाद भागवत, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, सिक्किम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, झारखंड एवं दिल्ली के शामिल थे।

नगर निगम द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किए जा रहे कार्य को जानने के लिए 16 राज्य के 80 वरिष्ठ अधिकारी अंबिकापुर पहुंचे। इस अवसर पर जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें महापौर डॉ. अजय तिर्की, राज्य स्वच्छता मिशन के संयुक्त मिशन संचालक सुरेश त्रिपाठी, कलक्टर किरण कौशल, जिला पंचायत अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि नगर निगम व तात्कालीन कलक्टर ऋतु सैन द्वारा सीधे इसे योजना को नगर में लागू नहीं किया गया। पहले इसे समझा, इसके बाद पार्षदों से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों को इस प्रोजेक्ट में शामिल करने के बाद वार्डों में जाकर वार्ड सभा का आयोजन कर लोगों से इसे लागू करने के पूर्व सलाह-मशवरा किया गया।

फिर प्रोजेक्ट को लागू करने के पहले तात्कालीन कलक्टर ने नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मचारियों से भी चर्चा की। इसके बाद इसे प्रयोग के तौर पर 3 वार्डों में लागू किया। वहां सफलता मिलने के बाद इसे शहर के सभी वार्डों में लागू किया गया। कचरा प्रबंधन को शहर की जनता का भरपूर सहयोग मिला, इसकी वजह से ही इस कार्य में निगम को इतनी बड़ी सफलता मिली।

महिलाओं ने बदल दी शहर की तस्वीर

कलक्टर किरण कौशल ने कहा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत, लगन एवं संवेदनशीलता ने शहर को साफ-सुथरा तथा डस्टबीन फ्री सिटी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि घर-घर से कचरा संग्रहित कर शहर में संचालित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्रों में अपशिष्ट पदार्थों की अलग-अलग श्रेणियों में पृथक्करण की प्रणाली अदभूत एवं उम्दा है। उन्होंने कहा कि शहर के कचरा प्रबंधन के बारे में काफी कुछ सुन रखा था।

जब यहां की कलक्टर नियुक्त हुई तो सबसे पहले कचरा प्रबंधन का ही निरीक्षण किया। जमीनी हकीकत देखने के बाद पता चला की महिलाओं ने मिलकर यहां काफी काम किया है और पूरे शहर की तस्वीर बदल दी है। इसमें शहर के लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला है।

शहर के लिए गर्व की बात सम्मान

जिला पंचायत अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह ने कहा कि एसएलआरएम सेंटर की महिलाओं ने शहर को साफ-सुथरा तथा डस्टबीन फ्री सिटी बनाने का बीड़ा उठाया तथा उसे जमीनी स्तर पर साकार किया। यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि शहर के इस मॉडल को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सराहा है और इसे राज्य के पूरे जिले में लागू करने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि शहर के साथ ही साथ गांव में भी इसी प्रकार की कचरा प्रबंधन की व्यवस्था कर साफ-सफाई पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यशाला में शहर के कचरा प्रबंधन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन कर कचरा प्रबंधन के विभिन्न घटकों का विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया गया एवं प्रतिनिधियों के सुझाव एवं जिज्ञासाओं पर चर्चा की गई।

एसआरएलएम सेंटर का किया निरीक्षण

सभी अधिकारी निगम के अधिकारियों के साथ शहर में स्थित एसआरएलएम सेंटर का निरीक्षण किया। कलक्टर किरण कौशल ने सभी अधिकारियों को कहा कि वैसे तो दो ही केंद्र दिखाने के लिए चिन्हांकित किया गया था। लेकिन इस दौरान विभिन्न जगहों पर रिक्शा चलाती महिलाएं आपकों दिख जाएंगी, आप उनसे भी मिलकर जानकारी एकत्रित कर सकते हैं।

अधिकारियों ने नवापारा, डीसी रोड, मेरिन ड्राइव व सेनेटरी पार्क का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को बताया गया कि समूह की महिलाओं द्वारा जो कचरा एकत्रित किया जाता है, उसे नगर के व्यापारियों को बेचने का भी काम किया जाता है। इस प्रकार के कचरा प्रबंधन से कोई भी कचरा डम्पिंग यार्ड पर फेंकने योग्य नहीं रह जाता है।

जैविक कचरे का उपयोग कम्पोस्ट बनाने तथा बायोगैस बनाने में किया जाता है। इस दौरान ग्राम पुहपुटरा व सांसद आदर्श ग्राम करम्हा में संचालित एसएलआरएम सेंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों ने कचरा प्रबंधन की तारीफ करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में जो काम होना चाहिए वो यहां फील्ड पर नजर आ रहा है।

परेशानियों को जानने का नहीं किया प्रयास

16 राज्य के वरिष्ठ अधिकारी एसआरएलएम सेंटर पहुंचकर वहां कार्यरत समूह की महिलाओं से चर्चा तो की, लेकिन सिर्फ अच्छा-अच्छा ही जानने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को कचरा प्रबंधन करने में क्या परेशानी आ रही है इस पर कोई चर्चा नहीं की।

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