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40 करोड़ की सरकारी जमीन पर रसूखदार व्यापारी की शॉ मिल

Updated: IST Land forgery in satna
प्रशासन ने पूछा कैसे मिला निजी स्वत्व, नोटिस पर अभी नहीं मिला जवाब, सरकारी जमीनों की प्रशासनिक स्तर पर भी पड़ताल शुरु। इसमें रसूखदार व्यापारी के कब्जे में 40 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन पाई गई है।

सतना। सरकारी जमीनों की प्रशासनिक स्तर पर भी पड़ताल शुरु कर दी गई है। इसमें रसूखदार व्यापारी के कब्जे में 40 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन पाई गई है। जिसपर शॉ मिल सहित कई व्यवसाय चल रहे हैं। प्रशासन ने नोटिस देकर उनसे रिकार्ड तलब किया है कि निजी स्वत्व में जमीन कैसे पहुंची। हालांकि अभी जवाब नहीं आया है।

मामला सतना शहर के पॉश इलाकों में शुमार कोलगवां पटवारी हल्का का है। जहां भाजपा नेता लक्ष्मी यादव के परिवार के साथ ही रसूखदार व्यापारी रामकुमार अग्रवाल के परिवार का भी जमीन पर कब्जा पाया गया है। आराजी नंबर 234/1ख रकबा 0.675 एकड़ सावित्री अग्रवाल व रामकुमार अग्रवाल के नाम पर है।

शहर का बड़ा कारोबारी परिवार

जबकि 234/1क/3 रकबा 0.132 एकड़ संजय अग्रवाल के नाम दर्ज है। इन दोनों भूमियों को मिलाकर बड़ी बाउंड्री खड़ी कर शॉ मिल का संचालन किया जा रहा है। अग्रवाल परिवार सतना शहर का बड़ा कारोबारी परिवार है और उनके कई व्यवसाय चल रहे हैं। पहले 26 डिसमिल की जानकारी आई थी जो 80 डिसमिल के पार पाई गई है।

तहसीलदार की रिपोर्ट में खुलासा

अग्रवाल परिवार की इन भूमियों की पड़ताल प्रशासनिक स्तर पर कराई गई थी। रिकार्ड की पड़ताल करते हुए तहसीलदार रघुराजनगर द्वारा 4 अप्रैल 2017 को तैयार की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 1958-59 की खतौनी के अनुसार यह भूमियां सरकारी दर्ज थीं। लेकिन वर्तमान में इसपर अग्रवाल परिवार का कब्जा है और निजी स्वत्व दर्ज हो चुका है।

नोटिस जारी कर रिकार्ड तलब

तहसीलदार के इसी प्रतिवेदन के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बलवीर रमन द्वारा नोटिस जारी कर रिकार्ड तलब किए गए थे। उन्हें 20 अप्रैल 2017 को बुलाया गया था लेकिन आगे का समय मांग लिया है।

बाजार मूल्य सबसे ज्यादा

शहर के जिन इलाकों का बाजार मूल्य सबसे अधिक है, उनमें बिरला रोड स्थित यह भूमियां भी शामिल हैं। सरकारी गाइडलाइन में ही कामर्शियल रेट 1 लाख 28 हजार रुपए वर्गमीटर है। इसी दर पर इस जमीन की कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक है।

नोटिस पर मांगा समय

उधर रिकार्ड के साथ तलब किए गए भाजपा नेता लक्ष्मी यादव व उनके परिवार सहित नरेश अग्रवाल व उनके परिवार, संजय अग्रवाल की ओर से गुरुवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कोर्ट में अधिवक्ता पेश हुए और जवाब देने के लिए वक्त मांगा। एक हफ्ते का समय देते हुए उन्हें 28 अप्रैल को रिकार्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है।

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