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Video Icon हत्या के आरोपी पति और सास हैं जेल में, कोर्ट पहुंचकर बहू बोली-मैं तो जिंदा हूं

Updated: IST satna news
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अदालत में उस समय हड़कंप मच गया जब एक ऐसी महिला बयान देने पहुंची जिसे दहेज प्रताडऩा के मामले में मृत मानकर ससुराल वालों को जेल भेज दिया गया था।

सतना/ चित्रकूट मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अदालत में उस समय हड़कंप मच गया जब एक ऐसी महिला बयान देने पहुंची जिसे दहेज प्रताडऩा के मामले में मृत मानकर ससुराल वालों को जेल भेज दिया गया था। महिला का पति और चाची सास बीते 40 दिनों से जेल में हैं।

दरअसल महिला के पिता ने मौत की जानकारी देकर एफआईआर कराई थी। पुलिस ने भी जिस तरह से बिना पड़ताल एकतरफा कार्रवाई की उससे वह भी सवालों के घेरे में है।

मामला यूपी के चित्रकूट जिले का है। यहां के राजापुर थाना अंतर्गत बेराउर गांव के मिलनवा की बेटी ज्ञानवती उर्फ नान ससुराल से रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिली तो पिता ससुराल टिकरा सिरावल पहुंचा और पति सहित परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताडि़त कर घर से निकाल दिए जाने का आरोप लगाया। जिसकी शिकायत भी राजापुर थाने में की।

अज्ञात शव की शिनाख्त ज्ञानवती के रुप में की

कौशाम्बी जिले में अज्ञात महिला की लाश बरामद की गई थी। शिनाख्त के लिए अन्य गुम महिलाओं के परिजनों के साथ ज्ञानवती के पिता और भाई को भी बुलाया गया था। जिन्होंने ज्ञानवती का ही शव होने का दावा करते हुए पति मंझा उर्फ उदितनारायण सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा और हत्या का साक्ष्य मिटाने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 498ए, 323, 504, 506 व 201 आईपीसी का अपराध दर्ज कर उदितनारायण के साथ उसकी चाची और भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में बांदा जेल भेज दिया। जो 40 दिनों से वहीं कैद हैं। इस मामले में जिस रहस्यमय तरीके से ज्ञानवती गायब हुई थी। बुधवार को उसी तरह से उपस्थित भी हो गई।

लौट आई ज्ञानवती

पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के जेल में होने की जानकारी पाकर ज्ञानवती राजापुर थाने गई थी। लेकिन पुलिस ने उसकी कोई बात मानने से इंकार कर दिया। जबकि उसने बताया कि वह ससुराल वालों को बिना बताए घर से निकलकर रिश्तेदार के यहां चली गई थी। मरी नहीं बल्कि जिंदा है। पुलिस द्वारा हाथ खड़े किए जाने पर बुधवार को वह वकील राजेश सिंह चौहान के साथ सीजेएम कोर्ट में पेश हो गई। उसने पिता मिलावन द्वारा की गई एफआईआर को गलत बताया। कोर्ट को दिए आवेदन में बताया कि उसका विवाह 2015 में उदित नारायण से हुआ था। पांच अक्टूबर 2016 को बिना बताए ससुराल से रिश्तेदारी में गई थी।

कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

ज्ञानवती ने कहा, उसकी मौत के मामले में पति व चाची सास के जेल जाने की जानकारी पर वह अदालत में हाजिर होकर बयान दे रही है। उसके बयान के बाद अदालत में पुलिस की जल्दबाजी पूर्ण कार्रवाई को बेजा ठहराया गया है। सीजेएम ने जेल में बंद आरोपियों के रिहाई के संदर्भ में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

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