Patrika Hindi News

बकाया था बिजली का बिल तो उज्ज्वला योजना में मिला गैस सिलेंडर ही उठा लाए अधिकारी

Updated: IST Power company action in Satna
सूदखोरी जैसी बिजली कंपनी की कार्रवाई, घिरी बिजली कंपनी तो किश्तों में राशि जमा करने का लिखित लेकर लौटाया सामान

सतना। सालों पुराने बिजली के बिल के एवज में बिजली कंपनी के अमले को जब कुछ नहीं मिला तो उज्ज्वला योजना के तहत मिला गैस सिलेंडर ही उठा लाए। वो भी उस वक्त जब परिवार के लिए खाना पक रहा था। इस तरह की कार्रवाई से घिरी बिजली कंपनी ने किश्तों में राशि जमा कराने का लिखित आश्वासन लेकर सामान लौटा दिया। मामला अमरपाटन तहसील क्षेत्र का है।

बताया गया, गोरा गांव के रामगोपाल सिंह का परिवार गरीबी रेखा की सूची के नीचे है। उनके घर में बिजली का कनेक्शन था लेकिन समय पर बिल नहीं चुकाने के कारण साल 2015 में कनेक्शन काट दिया गया। बकाया बिल सरचार्ज के साथ हर माह भेजा जा रहा था। इससे रकम बढ़कर 17 हजार रुपए पहुंच गई।

कुर्की की कार्रवाई

चार दिन पूर्व जेई के निर्देश पर फील्ड स्टाफ गोरा स्थित रामगोपाल सिंह के घर पर पहुंचा और जोर जबरदस्ती करते हुए कुर्की की कार्रवाई शुरु कर दी। घर से पंखा सहित कुछ और सामान निकालने के बाद भी जब लगा कि बिल की रकम की भरपाई नहीं हो पाएगी तो चालू सिलेंडर को बंद कराकर उसे भी जब्ती में ले लिया। वह सिलेंडर रामगोपाल सिंह की पत्नी की पत्नी सरोज सिंह के नाम पर है। जो उन्हें केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत दिया गया था। विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने भी नाराजगी जताते हुए गलत तरीका बताया है।

वापस किया सामान

इस मामले में डीई सुभाष नागेश्वर ने बताया कि उनके पास यह मामला आने पर बकायादार का सिलेण्डर वापस करवा दिया गया है। साथ ही संबंधित बकायादार किश्तों में राशि जमा करने को राजी हो गया है। फील्ड स्टाफ से लापरवाही हुई थी इस संबंध में सभी को निर्देश जारी किये जा चुके हैं कि सिलेण्डर आदि की जब्ती न की जाए।

यह है नियम

उधर बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बिजली बिल बकाया नहीं जमा करने पर संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया है। लेकिन जैसा बताया जा रहा है यह गलत तरीका है। उन्होने कहा कि तीन नोटिस विद्युत बकायादार को दिया जाता है। उसके बाद आरआरसी जारी होती है। फिर डीआरए प्रक्रिया का पालन करते हुए कुर्की की कार्यवाही की जाती है। इस तरह से किसी भी बकायादार के यहां से समान नहीं उठाया जा सकता है।

कूकर में चढ़ी दाल उतारी

परिवारिक के दावों के अनुसार बिजली कंपनी के अमले द्वारा जिस समय यह कार्रवाई शुरु की गई थी उस वक्त खाना पक रहा था। हितग्राही सरोज सिंह ने बताया कि कर्मचारी सीधे घर में घुसते चले गये और रसोई में सिलेण्डर से दाल बन रही थी। कूकर चढ़ा हुआ था जिसे इनके द्वारा उतार लिया गया और सिलेण्डर खोल कर अपने वाहन में लाद लिये। इसके साथ ही पंखा भी ले कर चले गये।

गरीबों से बिजली की बकाया राशि जमा कराने कड़ी कार्रवाई उचित नहीं है। राशि वसूली के नियमानुसार दूसरे तरीके अपनाना चाहिये। हितग्राही मूलक योजना के तहत दिया गया सिलेण्डर तो जब्त नहीं ही करना चाहिये। कलेक्टर से चर्चा कर व्यवस्था बनवाई जाएगी।

राजेन्द्र सिंह, विस उपाध्यक्ष

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???