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सरकारी अस्पताल में लिखी जा रही बाहर की दवाएं

Updated: IST Sehore
नेत्र रोग शाखा के सभी मरीजों से बाहर से मंगवाई जा रही दवाएं

सीहोर. प्रदेश का स्वास्थ्य महकमे ने सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों को बाहर की दवाएं लिखने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन इस प्रतिबंध का असर जिला चिकित्सालय में दिखाई नहीं दे रहा है। यहां के चिकित्सक और उनके सहयोगी कर्मचारी मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएं लाने को मजबूर कर रहे है।

जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में लोगों की आंखों का उपचार करने वाले कंपाउडर मरीजों को बाहर से दवाएं लाने को मजबूर कर रहे है। शहर के बस स्टैण्ड क्षेत्र में रहने वाले ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने जिला चिकित्सालय के नेत्र वार्ड में अपनी आंखों की जांच करवाई थी। इस जांच के बाद यहां पदस्थ नेत्र सहायक कैलाश सौलंकी द्वारा सरकारी पर्चे पर चश्में का नंबर लिखने के साथ ही एक पर्ची दवा की भी पकड़ा दी। इस पर्ची पर एक दवाई का नाम लिखा था, चिकित्सा सहयोगी ने मरीज ओमप्रकाश शर्मा से कहा कि बाहर के किसी भी मेडिकल स्टोर से यह दवाई ले लो। ओमप्रकाश शर्मा ने बाहर की बजाए चिकित्सालय की दवा लिखने का आग्रह भी किया, लेकिन सहयोगी ने इंकार करते हुए उन्हें चलता कर दिया। शर्मा ने बताया कि यहां बीते कुछ दिनों से हर मरीज को बाहर से दवाई लाने को कहा जा रहा है। उन्होंने इस मामले की शिकायत सिविल सर्जन से भी की है।

नेत्र वार्ड से मरीजों को बाहर से लाने के लिए जो दवाई लिखी जा रही है, वह जिला चिकित्सालय में भी मौजूद है। नेत्र वार्ड से लोगों को आंखों का ड्राप मोसी आई बाजार से लाने का बोला जा रहा है, जबकि जिला अस्पताल के मेडिकल स्टोर रूम में आंखों के उपचार के लिए कई अन्य प्रकार के ड्राप उपलब्ध है। जिला अस्पताल के स्टोर इंचार्ज केबी वर्मा ने बताया कि शासन द्वारा आंखों के उपचार के लिए तय किए गए आई ड्राप स्टोर रूम दवा काउंटर पर उपलब्ध करवाए गए है।

आंखों के उपचार के लिए सामान्यत: हम लोग जिला चिकित्सालय में उपलब्ध दवाईयां ही लिखते है। लेकिन बीते कुछ दिनों से आंखों के ड्राप अस्पताल में नहीं है। इस लिए हो सकता है कि बाहर से ड्राप लिख दिया होगा। हम अस्पताल मामले की जांच कर ही कुछ कह पाएगें। - डॉ. यूके श्रीवास्तव, प्रभारी नेत्र वार्ड जिला अस्पताल सीहोर

हमारे पास शिकायत आई है। हम मामले की जांच करवा रहे है। बाहर से दवा क्यों लिखी गई इसका भी कारण जानने का प्रयास किया जा रहा है। यदि संबंधित की गलती पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आनंद शर्मा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीहोर

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