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सावधान! शहर में सप्लाई किए जा रहे एक्सपायरी डेट के गैस सिलेंडर, हो सकता है गंभीर हादसा

Updated: IST sehore
त्योहार के समय घरेलू गैस की मांग बढ़ गई है। गैस एजेंसियों पर 300 से 400 की वेटिंग चल रही है। बुकिंग कराने के सात-सात दिन बाद तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं हो रही है।

सीहोर. त्योहार के समय घरेलू गैस की मांग बढ़ गई है। गैस एजेंसियों पर 300 से 400 की वेटिंग चल रही है। बुकिंग कराने के सात-सात दिन बाद तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं हो रही है। घरेलू गैस की मांग बढऩे का मुख्य कारण घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक उपयोग होना है। डिमांड अधिक होने की आड़ में एजेंसी संचालक ग्राहकों को एक्सपायरी डेट का सिलेंडर सप्लाई कर सकते हैं। ऐसे में गैस एजेंसी से सिलेंडर लेते समय उपभोक्ता एक्सपायरी डेट जरूर देख लें। एक्सपायरी डेट के सिलेंडर से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। गैस एजेंसी शहर में उपभोक्ताओं को पांच से छह फीसदी सिलेंडर एक्सपायरी डेट के सप्लाई कर रही हैं। सिलेंडर पर एक्सपायरी डेट कलर से संकेतात्मक शब्दों में प्रिंट की जाती है, इसलिए हेर-फेर की संभावना भी रहती है। इस स्थिति में जरूरी है कि उपभोक्ता सिलेंडर लेते समय इसकी जांच-पड़ताल जरूर करें।

शहर में 40 हजार से ज्यादा यूजर

सीहोर शहर में एचपी की तीन एजेंसी हैं। तीन एजेंसी पर करीब 35 हजार कनेक्शन हैं। त्योहार का सीजन चल रहा है। त्योहार के समय गैस सिलेंडर की डिमांड बढ़ जाती है। डिमांड बढऩे पर एक्सपायरी डेट के सिलेंडर सप्लाई होने की संभावना अधिक रहती है। ऐस में जरूरी है कि उपभोक्ता सिलेंडर लेने से पहले जांच कर लें।

क्लेम का भी प्रावधान

कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं का 10 से 25 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा होता है। हादसा होने पर पीडि़त क्लेम कर सकता है। क्लेम उपभोक्ता फोरम या जिला न्यायालय में की जा सकती है। सामूहिक दुर्घटना पर 50 लाख तक राशि देने का प्रावधान है।

ऐसे पता करें, सिलेंडर एक्सपायरी है कि नहीं

मालूम हो, गैस कंपनियों ने सिलेंडर की एक्सपायरी डेट को चार ग्रुप में तैयार किया है। पहले ग्रुप में साल के तीन पहले महीने जनवरी, फरवरी और मार्च को रखा है। पहले तीन महीने का कोड नंबर ए बनाया है। दूसरी तीन महीने का कोड बी और तीसरे व चौथे तीन महीने का कोर्ड सी और डी बनाया है। यदि किसी सिलेंडर पर ए-2015 लिखा है तो ये सिलेंडर मार्च 2015 के बाद यूज नहीं होना चाहिए, ये एक्सपायरी सिलेंडर माना जाएगा। यदि किसी सिलेंडर पर बी-2016 लिखा है तो ये जून 2016 के बाद उपयोग नहीं होना चाहिए। उपभोक्ता इस कोड नंबर को देखकर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट का पता कर सकते हैं।

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