Patrika Hindi News

Photo Icon स्वास्थ्य राज्यमंत्री के प्रभार वाले जिला अस्पताल के मरीजों के जख्मों पर गिर रहा पानी

Updated: IST seoni
जिला अस्पताल के वार्डों में छाता लगाकर रह रहे मरीज, बदहाली से सभी परेशान

Image may contain: people sitting and indoor

सिवनी. सूबे के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन के प्रभार वाला सिवनी जिला अस्पताल की छत से पानी टपक रहा है। मरीज व उसके तीमारदार बारिश शुरू होते ही छाता तानकर छत से टपकते पानी से बचने का प्रयास करते हैं। जिन मरीजों के पास छाता नहीं होता वह पलंग के नीचे छुप जाते हैं। बारिश में छत से मरीजों के जख्मों पर पानी गिरने से उनकी समस्या और भी बढ़ गई हैं।

Image may contain: 1 person, sitting, table and indoor

जख्मों में गिर रहा पानी

मेल सर्जिकल वार्ड के पलंग नम्बर नौ में भर्ती मरीज भैरोगंज निवासी रवि यादव ने अपनी पीड़ा में बताया कि नागपुर मजदूरी में वह गया था। नागपुर स्टेशन में खड़ी मालगाड़ी के नीचे से निकलते समय सिंगनल मिलने पर मालगाड़ी चलने लगी। हड़बड़ाहट में जब वह निकला तो पेट का कपड़ा फंस गया और दोनों टांगे कट गई। नागपुर अस्पताल में उपचार के बाद गृह नगर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुआ हुआ। 8 जुलाई से यहां भर्ती मरीज रवि के दोनों पैरों की रोज मल्हम पट्टी की जा रही है लेकिन वार्ड की छत से टपकते पानी के कारण वह पलंग से नीचे भी नहीं उतर सकता और पैरों के जख्मों में बारिश का पानी टपकता रहता है।

Image may contain: indoor

वहीं पलंग नम्बर आठ में भर्ती मरीज रसूल बाबा ने बताया कि वह यहां छह दिन से भर्ती है। बारिश के कारण छत से काफी पानी टपकता है इससे बचने के लिए वह पलंग के नीचे अपना बिस्तर लगाकर सोना पड़ता है।

इसी प्रकार मरीज अर्जुन सिंह यादव ने बताया कि पलंग के ऊपर पानी गिरने से यहां-वहां सूखे स्थान पर जाना पड़ता है।

हर ओर समस्या

जिला अस्पताल के ऊपर के वार्डों में मेल सर्जिकल, आईसोलेशन वार्ड, महिला मेडिकल, महिला सर्जिकल, आईसीयू, स्टोर रूम, सिस्टर रूम आदि कमरों की छतों से लगातार बारिश का पानी अंदर टपक रहा है। जहां बिजली फिटिंग है उस स्थान की दीवारें पानी से गीली हैं। ऐसे में कभी भी करंट, सार्टसर्किट हो जाए इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि छत से पानी टपकने की शिकायत पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार कर दी गई है।

वॉटर प्रूफिंग का असर नहीं

अस्पताल का भवन बहुत पुराना है। इससे यहां ज्यादा सुधार कार्य नहीं हो पाता है। बारिश के पहले वॉटर प्रूफिंग कराई गई थी, लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं हुआ।

डॉ. पी. सूर्या, आरएमओ,

जिला अस्पताल सिवनी।

इनका कहना है

Image may contain: 1 person, beard and closeup

रेल हादसे में दोनों टांगे कट गई है। पैरों के घाव सूख नहीं पा रहे हैं और इन्हीं घावों में छत का पानी टकपता है।

रवि यादव, मरीज निवासी भैरोगंज।

इनका कहना है

Image may contain: 1 person

छत से टपकती पानी की बूंदों से बचने के लिए वार्ड के पलंग के नीचे रात में सोने मजबूर होना पड़ता है। फिर भी गीली जमीन से बिस्तर गीले हो जाते हैं।

रसूल बाबा, मरीज

इनका कहना है

Image may contain: one or more people and closeup

पानी की बूंद से बचने के लिए सूखे स्थान की तलाश में किसी दूसरे मरीज के पलंग के पास जगह बनाकर बैठना पड़ता है।

अर्जुन सिंह यादव

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???