Patrika Hindi News

पढि़ए अखिर क्यों महिलाओं को बैठना पड़ा भूख हड़ताल पर

Updated: IST seoni
आस-पास की महिलाओं ने मोर्चो खोल दिया।

सिवनी. बिनैकी क्षेत्र में लम्बे समय से पावर प्लान्ट द्वारा ग्रामीण जनता के साथ धोखा करने तथा नियम विरूध परिवहन करने को लेकर अब आस-पास की महिलाओं ने मोर्चो खोल दिया।

हड़ताल के 7 दिन आसपास की महिलाओं, बच्चों और लोगों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। प्रशासन पर आरोप लगाया कि नियम विरुद्ध कार्य जिला प्रशासन का भी सहयोग प्राप्त है। पानी टंकी बरेला में चल रही हड़ताल पर आज तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। इस चिलचिलाती धूप में गांव की महिलाएं दुर्गाकाली का रूप धारण कर सकती है।

ग्रामीणों का आंदोलन

नौ बिन्दुओं पर आधारित सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कोयले परिवहन के कारण मेहता, बरेला 13 किमी लंबे मार्ग का नवनिर्माण कराया जाए, घंसौर, गोरखपुर मार्ग से बिनैकी होकर नियम विरुद्ध हो रहे कोल परिवहन पर तुरन्त रोक लगाई जाए, पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित मापदंड के अनुसार ग्रीन बेल्ट तैयार करने के बाद ही बिजली उत्पादन शुरू किया जाए। मांग पूरी न होते देख शुक्रवार को महिलाओं, बच्चे ग्रामीणों ने बुधवार को पानी की टंकी के पास भूख हड़ताल में बैठे रहे।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???