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कुएं से पानी लेना हुआ प्रतिबंधित...

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जिला जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित

सिवनी. जिले में विगत वर्षों से सामान्य से कम वर्षा होने के कारण ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के भू-जल स्तर में अत्यधिक गिरावट आने से पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका के मदेनजर सम्पूर्ण जिले को 16 फरवरी से आगामी वर्षा ऋतु प्रारंभ होने तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर धनराजू एस ने इस संबंध में आदेश पारित कर सम्पूर्ण जिले में नलकूपों का खनन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। आदेश की अवज्ञा करने वाले या ऐसा प्रयास प्रतीत होने पर संबंधित पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के संशोधित अधिनियम 2002 एवं भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

धनराजू एस ने इस संबंध में कहा है कि जिले के अभावग्रस्त घोषित होने के पश्चात अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुज्ञा के जिले में किसी भी शासकीय भूमि के जल स्त्रोत से पेयजल तथा घरेलू प्रयोजन को छोड़कर औद्योगिक या अन्य किसी भी प्रयोजन के लिए किन्ही भी साधनों के द्वारा जल उपयोग नहीं करेगा। इसके अलावा जिले में बिना अनुज्ञा के समस्त नदी, नालों, स्टॉप डेम, सार्वजनिक कुओं, झिरिया तथा अन्य स्त्रोतों का जल, पेयजल तथा घरेलू प्रयोजन को छोड़कर औद्योगिक या अन्य किसी भी प्रयोजन के लिए किन्ही भी साधनों के द्वारा जल उपयोग भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

धनराजू एस ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति पीएचई कार्यालय की बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रयोजन के लिए नवीन नलकूप खनन नहीं करेगा तथा किसी सिंचाई-निस्तारी तालाब औद्योगिक प्रयोजन अथवा अन्य प्रयोजन जल का उपयोग नहीं कर सकेगा। कोई व्यक्ति सिंचाई अथवा औद्योगिक प्रयोजन के लिए पानी के उपयोग की अनुमति तथा नलकूप खनन की अनुमति चाहता है तो उसे उक्त अधिनियम की धारा 4 व 6 में संबंधित नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रारूप एवं फीस के साथ संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस कार्य हेतु जिले के समस्त राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को उनके क्षेत्रोधिकार के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।

एस ने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनुज्ञा देने से पूर्व आवश्यक जांच व अन्य कार्रवाई संपन्न करा लेवें और अनुज्ञा दिए जाने के संबंध में संबंधित क्षेत्रों के कार्यपालन यंत्री-सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग-नगरीय क्षेत्र में संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी से अभिमत एवं अनुशंसा प्राप्त कर लें। इन प्रावधानों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने का दायित्व संबंधित एसडीएम-पीएचई एवं नगरीय क्षेत्रों में संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को सौंपा गया है।

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