Patrika Hindi News

30 हजार लीटर होगा दूध का उत्पादन

Updated: IST milk
उमरिया एवं ताला में लगेगा चिलिंग प्लांट

उमरिया. जिले में कृषि के साथ साथ पशु पालन को बढ़ावा देने के लिए उन्नत नस्ल के दुधारू गाय, भैंस रखने एवं कृषि के साथ-साथ पशु पालन से होने वाले लाभ जैसे दुग्ध उत्पादन, गोबर गैस एवं गोबर खाद से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। यह बात कलेक्टर अभिषेक सिंह ने जिला पंचायत के सभागार मे आयोजित जिले के किसानों, नागरिकों, शिक्षित बेरोजगारों एवं बैंकर्स के मध्य व्यक्त की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अवधेश सिंह, अनुविभागीय अधिकारी बांधवगढ ऋषि पवार, तहसीलदार जीतेंद्र तिवारी, सीईओ जनपद ंपचायत करकेली, पाली एवं मानपुर , उप संचालक कृषि, प्रभारी उप संचालक पशु पालन, दुग्ध महासंघ के सदस्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पशु पालक, दुग्ध महासंघ एवं बैंकर्स के तत्वाधान में जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आसान किश्तों में बैंकों से ऋण दिलाकर दुग्ध डेयरियां खोली जाएगी। नागरिकों से इस हेतु आवेदन पत्र भराकर दुग्ध उत्पादन हेतु पशु पालन के लिए तैयार किया गया है। लगभग 50 ग्रामों के 229 हितग्राही तैयार किए गए है । जिले में ताला एवं उमरिया में चिलिंग प्लांट तैयार किया जाएगा। इसके लिए दुग्ध कलेक्शन हेतु स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन कर 30 रूट चार्टो के माध्यम से दूध एकत्र किया जाएगा और साप्ताहिक एवं पाक्षिक रूप से उन्हें भगतान कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
दुग्ध डेयरी के लिए पशु पालन विभाग द्वारा उन्नत नस्ल के गाय, भैस, बाहर से मंगाकर उपलब्ध कराये जायेगे और इन समस्त पशुओ का बीमा भी कराया जाएगा। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए समय समय पर पशु चिकित्सक सहजता पूर्वक डेयरी मालिकों को सलाह मुहैया करायेगे। कलेक्टर ने कहा है कि जुलाई माह तक डेयरी प्रारंभ हो जाए इसके लिए समस्त औपचारिकताएं अविलंब पूरी की जाए। उन्होने कहा कि गुजरात का फेमस ब्राण्ड अमूल आसानी से बिक्री हो रहा है और समितियां लाभ कमा रही है। इसी प्रकार जिले में समूह का चुनाव कर समितियों का निर्माण किया जाए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन से होने वाले लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि एक दुधारू पषु से 70 से 80 हजार तथा तीन दुधारू पशु से 2.50 लाख रूपये तक प्रतिवर्ष आय अर्जित की जा सकती है, जबकि बैंकों की किस्त ब्याज सहित 6 हजार रूपये प्रतिमाह होगी और 8 से 9 हजार रूपये प्रतिमाह लाभ प्राप्त हो सकता है। किसानों का दूध बिके रूके नही इसके लिए मिल्क रूट के माध्यम से दुग्ध वाहन प्रत्येक गांव जाएगा और दूध एकत्रित कर चिलिंग प्लांट में पहुचायेगा। इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला व्यापार उद्योग ने बताया कि जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओ के लिए मशीनीकृत दुग्ध डेयरी की स्थापना हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???