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नदी न नहर, पाइप लाइन से दूर होगा सूखे का कहर

Updated: IST Bundelkhand sookha
संभाग का पहला माइक्रो लिफ्ट एरीगेशन प्रोजेक्ट तैयार, 114 करोड़ रुपए होंगे खर्च, 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की योजना

शहडोल।
यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो किसानों को खेती के लिए बरसात का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हर मौसम में उनके खेतों में फसलें लहलहा उठेंगी और मानसून आधारित खेती से ऊपर उठते हुए वे हर सीजन में किसानी को लाभ का धंधा बना सकेंगे। दरअसल, जल संसाधन विभाग ने पाइप लाइनों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभाग का अब तक का पहला प्रयोग ब्यौहारी ब्लॉक में किया जा रहा है। जहां बाणसागर बांध का बैक वॉटर 49 गांवों में 7 हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि के असिंचित होने का दाग मिटा देगा। विभाग ने 114 करोड़ 71 लाख रुपए की योजना तैयार की है, जिस पर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा। ङ्क्षसचाई के बेहतर स्रोत न होने के कारण इन गांवों में अब तक मानसून आधारित खेती ही संभव हो पा रही है। इस योजना का नाम हिरवार माइक्रो लिफ्ट एरीगेशन प्रोजेक्ट दिया गया है।
325 मीटर ऊंचाई से लिफ्ट होगा पानी
जल संसाधन विभाग के अफसरों ने बताया कि ब्यौहारी से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित बाणसागर बांध का बैक वॉटर 325 मीटर ऊंचाई से लिफ्ट करते हुए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 1900 केवी के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। 49 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। पाइप लाइन से प्रति सेकंड 2.31 क्यूमेक्स घनमीटर पानी छोड़ा जाएगा। 1320 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
तीन गुना तक ज्यादा पैदावार
असिंचित भूमि में सिंचाई के साधन उपलब्ध हो जाने के बाद किसान तीन गुना तक ज्यादा पैदावार ले सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मानचित्रकार केपी साहू, अनुरेखक एलबी कुशवाहा द्वारा जमीनी स्तर पर सर्वे के पश्चात् प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। खेतों के समीप तक पाइप लाइन बिछा दी जाएगी, जिससे किसान पानी लेकर ड्रिप, स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई कर सकेंगे। इस तकनीकी से पानी का अपव्यय रोका जा सकेगा। सिंचाई की इस सुविधा का लाभ बारहमासी फसलों को भी होगा जो कई बार पानी की कमी के कारण सूख जाती हैं।
इन गांवों को मिलेगा फायदा
सरसी, ओदारी, पथरेही, जमुनी, हिनौता, अकौरी, इदवार, कुआं, चितरासी, छतैनी, मरतला, लालपुर, खडेह, टिकुराटोला, बहेरिया, बिलकुडा, उजराबरी, कछराटोला, घिनौची, तेनदुहा, पतेह, बराबघेलहा, रेउसा, सकन्दी, हिरवार, पडरी, पपौध, विजयसोता, छिवलाकछार, दलकोकोठार, दलकोजागीर, दुअरा, निपनिया के तीन गांव, खारीबड़ी, खारीछोट, खुसरिया, जमुनिया, पपौढ़, छुही, बरा, अल्हारा, उमरगढ़, खरहरा, पोंडीखुर्द, बरहठा, मैर व देवर्दा गांव शामिल हैं।
ब्लॉक की स्थिति
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल-25100.12
वन क्षेत्र-8266.10
कृषि योग्य भूमि-11718.38
खरीफ-8593.19
रबी-4259.08
कुल बोया जाने वाले क्षेत्र-12732.37
क्राप पैटर्न
धान-4200 हेक्टेयर
खरीफ-490 हेक्टेयर
अन्य रबी-840 हेक्टेयर
बारहमासी-70 हेक्टेयर
गेहूं-1400 हेक्टेयर
योग-7000 हेक्टेयर
इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री अशोक कुमार अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ब्यौहारी ब्लॉक में हिरवार माइक्रो लिफ्ट एरीगेशन प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। बाणसागर बांध का पानी पाइप लाइनों के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। प्रोजेक्ट को विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है।

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