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नोटबंदी : बैंकों में कैश नहीं, आम जनता हो रही परेशान

Updated: IST People facing problem
बैंक अधिकारी आरबीआई से पर्याप्त कैश न मिल पाने का रोना रो रहे हैं तो वहीं कतार में खड़े लोग उन पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं।

शाहजहांपुर। नोटबंदी के बाद से केंद्र सरकार कैश की किल्लत दूर करने के तमाम दावे कर रही है लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। बैंकों से भीड़ कम नहीं हो रही है। आलम यह है कि बैंक से रुपए निकालने के लिए लोग कतारों में लग तो जाते हैं लेकिन दिनभर के बाद भी उन्हें रुपए नहीं मिल पा रहे हैं। बैंक अधिकारी आरबीआई से पर्याप्त कैश न मिल पाने का रोना रो रहे हैं तो वहीं कतार में खड़े लोग उन पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे हैं।

बैंककर्मियों पर लगे रहे आरोप

आरबीआई की गाइड लाइन के मुताबिक, खाता धारक प्रति 2500 रुपए और हफ्ते में 24000 रुपए निकाल सकता है। वहीं जिनके घरों में शादी है वो लोग सशर्त ढाई लाख रुपए तक निकाल सकते हैं। आलम यह है कि बैंक से खाता धारकों में 2000 रुपए भी नहीं मिल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि बैंक अधिकारी अपने कुछ खास लोगों को पर्याप्त रुपए दे रहे हैं। अन्य लोगों का जब नंबर आता है तो कैश न होने का हवाला देकर वापस लौटा देते हैं।

RBI से नहीं मिल रहा पर्याप्त कैश

बरौली स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर संजय मिश्र का कहना है कि आरबीआई से जितने कैश की डिमांड की जा रही है उतना कैश बैंकों को नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि कभी कभी कैश न होने पर बैंक के बाहर ’नो कैश’ का बोर्ड लगाना पड़ता है।

नहीं हो रहा गाइड लाइन का पालन

लोगों का कहना है कि आरबीआई आम जनता को राहत देने के लिए कई बार नई गाइड लाइन जारी कर चुकी है। लेकिन बैंक उन गाइड लाइनों को लागू नहीं कर पा रही है। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

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