Patrika Hindi News
Bhoot desktop

किसकी होगी होली और किसके रंग पड़ेंगे फीकें?

Updated: IST UP Election 2017
दूसरे चरण के मतदान के बाद जो रुझान आ रहे हैं वह चौंकाने वाले हैं।

शाहजहांपुर। जिले में कुल छह विधानसभाएं है। 2012 के विधानसभा चुनाव में तीन पर सपा, दो पर बसपा और एक सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। लेकिन 2017 के मतदाताओं से मिले रुझान से एक बात तो साफ़ है कि जिले में सत्ता विरोधी लहर चली है। भाजपा के प्रत्यासी हमेशा अपनी जमानत तक नहीं बचा पाते थे। लेकिन इस बार जो रुझान देखने को मिल रहे हैं उनसे तो यही साफ़ है कि जिले में भाजपा बढ़त हासिल कर सकती है।

1- जिले की कटरा विधानसभा में सबसे ज्यादा 65 फीसदी वोट पड़े हैं यहां दो बार विधायक रहे सपा के राजेश यादव के खिलाफ मतदान के दौरान मतदाताओं में खासी नाराजगी का माहौल देखने को मिला। उनके गांव सिउरा से कटरा और जयंतीपुर जाने वाले सड़क के अलावा इलाके की सड़कों और दशा इस कदर खराब है जो मतदाताओं की नाराजगी की वजह को बयां कर रही थी। इसके अलावा किसान अपने गेंहू धान गन्ना की फसल को औने पौने दामों पर बेचता रहा। सरकारी क्रय केंद्रों पर विधानसभा की चीनी मिल पर राजेश यादव के लोगों का कब्जा रहा। किसानों की नाराजगी की बड़ी वजह माना जा रहा है। 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा के राजेश यादव को बसपा के प्रत्याशी राजीव कश्यप ने कांटे की टक्कर दी थी। लेकिन इस बार बसपा के राजीव कश्यप और भाजपा प्रत्याशी वीर विक्रम सिंह के बीच कांटे की लड़ाई है। बसपा के राजीव कश्यप एक नम्वर पर तो भाजपा से वीर विक्रम सिंह उर्फ़ प्रिंस दो और सपा से विधायक राजेश यादव तीसरे नम्वर पर हो सकते हैं।

2- जिले की जलालाबाद विधानसभा की हम अगर बात करें तो यहां पर 61 फीसद मतदान हुआ है। इस विधानसभा से लगातार दो चुनाव में जीत दर्ज करने वाले बसपा के नीरज कुशवाहा से मतदाता कुछ हद तक नाराज हैं। जलालाबाद क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है यहां पर गंगा, रामगंगा और बहगुल नदी की बाढ़ से निबटने के कोई खास इंतजाम नहीं किए गए। इसके अलावा जलालाबाद तहसील के ही अल्लाहगंज, मिर्जापुर, कलान इलाकों में बूथों पर भी मतदाताओं की कुछ नाराजगी देखने को मिली। लेकिन नीरज मौर्या का सपा के पूर्व विधायक शरदवीर सिंह से कड़ा मुकाबला है। फिलहाल बसपा से नीरज मौर्या एक नम्वर पर तो सपा से शरदवीर सिंह दो और भाजपा के मनोज कश्यप तीन नम्वर पर हो सकते हैं।

3- अगर हम बात करें तिलहर विधानसभा की तो यहां पर बसपा के बेस वोट बैंक की बहुलतावादी विधानसभा क्षेत्र में भी 60 फीसदी मतदान हुआ है। उत्तर प्रदेश में सपा कांग्रेस गठबंधन से मैदान में आए कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का बड़ा राजनैतिक कद देखने को मिला। जितिन प्रसाद एक बड़े राज घराने से आते हैं और इनकी कमजोरी का यही सबसे बड़ा मुद्दा बना। मतदाताओं का मानना है कि इस विधानसभा में जमीनी नेता की जरुरत है। लेकिन मिले रुझान के आधार पर अगर बात करें तो बसपा के प्रत्याशी अवधेश कुमार वर्मा और भाजपा प्रत्याशी रोशन लाल बर्मा के बीच कड़ा मुकाबला की बात कही जा रही है। कुछ जगहों पर भाजपा के रोशनलाल वर्मा और जितिन प्रसाद के बीच भी लड़ाई की बात सामने आ रही है। फिलहाल भाजपा से रोशन लाल वर्मा एक बसपा से अवधेश कुमार वर्मा दो और कांग्रेस सपा से जितिन प्रसाद तीन नम्बर पर आ सकते हैं।

4- पुवायां विधानसभा की अगर हम बात करें तो जिले की यह सुरक्षित सीट है उम्मीद से कम यहां पर 60 फीसदी ही मतदान हुआ है। इस विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर पहले चार बार विधायक रह चुके और अब भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में चुनाव लड़ रहे चेतराम पासी की लड़ाई बसपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस ऑफिसर गुरुवचन लाल से दिखाई दे रही है। हालांकि इस विधानसभा से सपा की शकुन्तला देवी विधायक हैं। लेकिन यहां सत्ता विरोधी लहर चली है। इस विधानसभा पर लड़ाई बसपा और भाजपा के बीच है। भाजपा से चेतराम पासी एक बसपा से गुरुवचनलाल दो और सपा से विधायक शकुन्तला देवी तीन नम्बर पर हो सकते हैं।

5- शाहजहांपुर शहर विधानसभा की अगर हम बात करें तो यहां अपेक्षा से कहीं कम इस विधानसभा में 59 फीसदी मतदान हुआ है। कम वोटिंग की वजह किसी खास वर्ग की उदासीनता रही। सुरेश कुमार खन्ना इस विधानसभा से लगातार भाजपा से सात बार चुनाव जीतते चले आ रहे हैं और अब 8वीं बार चुनाव मैदान में हैं। हिंदू मुस्लिम समीकरणों का सुरेश कुमार खन्ना को लाभ मिलता है। हालांकि इस बार सुरेश खन्ना से मतदाता शहर में विकास कार्य न होने नाराज भी हैं। यहां एक बार फिर भाजपा और सपा प्रत्याशी के बीच लड़ाई है। दूसरे और तीसरे नम्बर के लिए बसपा के असलम खान और सपा के तनवीर खान ने खूब जद्दोजहद की है। भाजपा से सुरेश कुमार खन्ना एक सपा से तनवीर खान दो और बसपा से असलम खान तीसरे स्थान पर हो सकते हैं।

6- बात करें ददरौल विधानसभा की तो यहां पर 62 फीसदी मतदान हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद इस विधानसभा क्षेत्रमें रोजगार के कोई साधन नहीं हैं। विधानसभा के गांव भावलखेड़ा मदनापुर सेहरामऊ दक्षिणी इलाके के मतदाता सपा के विधायक राममूर्ति सिंह वर्मा से खासे नाराज हैं। राममूर्ति सिंह का अपराधियों को संरक्षण देना जनता में अविश्वास पैदा होने की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। फिलहाल इस विधानसभा में बसपा और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। बसपा के रिजवान अली उर्फ़ भोले मियां पहले भाजपा से मानवेन्द्र सिंह दूसरे और सपा से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा तीसरे स्थान पर पहुंच सकते हैं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???